बांसगांव सुरक्षित सीट: 37 वर्ष कांग्रेस और 21 वर्ष भाजपा ने लहराया है परचम

बांसगांव सुरक्षित सीट: 37 वर्ष कांग्रेस और 21 वर्ष भाजपा ने लहराया है परचम



गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में बांसगांव संसदीय क्षेत्र भी शामिल है। यह गोरखपुर जनपद के अन्तर्गत आता है। यह 67 लोकसभा क्षेत्र प्रदेश के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 17 सीटों में से एक है। बासगांव लोकसभा क्षेत्र अपने जन्म से ही आरक्षित कोटे में रहा है।

कांग्रेस, भाजपा सोशलिस्ट पार्टी, भालोद व सपा ने लहराया है परचम

बांसगांव लोकसभा सीट पर 1952 से अब तक हुए 16वीं लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस आठ बार अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है। इस लोकसभा सीट पर 37 वर्षों तक कांग्रेस का कब्जा रहा है।

राजनीतिक उठापटक, पाकिस्तान, चीन ये युद्ध और आपातकाल सरीखे परिस्थितियों की वजह से चुनाव अनियमित भी हुए। इस वजह से आठ बार जीतने वाली कांग्रेस के सांसदों के अलावा अन्य का भी कार्यकाल प्रभावित हुआ। इस संसदीय सीट पर 21 वर्ष तक भाजपा का कमल खिला है। संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से मोहलु प्रसाद भी चार वर्ष व भारतीय लोकदल से विशारद फिरंगी प्रसाद भी तीन वर्ष तक सांसद रहे। समाजवादी पार्टी से वर्तमान सांसद कमलेश पासवान की माता सुभावती पासवान भी दो वर्ष तक सांसद रह चुकी हैं ।

इस सीट पर वर्ष 1952 में पहले सांसद के रूप में कांग्रेस के महादेव प्रसाद का नाम दर्ज है। महावीर प्रसार राष्ट्रीय स्तर के दलित नेता थे। 1991 के लोकसभा चुनावी दंगल में इस कद्दावर नेता के खिलाफ भाजपा ने राजनरायन पासी पर दांव लगाया। जमीनी पैठ बनाये भाजपा उम्मीदवार राजनरायन पासी को 124578 मत मिले, जबकि कांग्रेस नेता महावीर प्रसार को 98432 मत पाकर संतोष करना पड़ा। इस तरह पहली बार इस सीट पर भाजपा ने 26146 मतों के अन्तर से जीत हासिल कर कमल खिलाया था।

बासगांव (सुरक्षित) लोकसभा सीट पर 1952 से अब के सांसद

वर्ष सांसद पार्टी

1952 महादेव प्रसाद कांग्रेस

1957 महादेव प्रसाद कांग्रेस

1962 महादेव प्रसाद कांग्रेस

1967 मोहलु प्रसाद संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी

1971 रामसुरत प्रसाद कांग्रेस

1977 विशारद फिरंगी प्रसाद भारतीय लोक दल

1980 महावीर प्रसाद कांग्रेस

1984 महावीर प्रसाद कांग्रेस

1989 महावीर प्रसाद कांग्रेस

1991 राजनरायन पासी भाजपा

1996 सुभावती पासवान सपा

1998 राजनरायन पासी भाजपा

1999 राजनरायन पासी भाजपा

2004 महावीर प्रसाद कांग्रेस

2009 कमलेश पासवान भाजपा

2014 कमलेश पासवान भाजपा

बासगांव लोकसभा सीट पर लगातार पिछले 10 वर्षों से भाजपा का कब्जा है। भाजपा सांसद कमलेश पासवान पर पहली बार 2009 में पार्टी ने दांव लगाया। राजनीतिक पृष्टभूमि होने के चलते कमलेश ने मजबूती से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कमलेश पासवान को 223011 वोट मिले। जबकि बसपा प्रत्याशी श्रीनाथ को 170224 मत पाकर संतोष करना पड़ा। पासवान पहली बार 52787 मतों से जीतकर संसद की दहलीज पर पहुंचे।

पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने एक बार फिर कमलेश पासवान पर दांव लगाया। इनको जोरदार टक्कर देने के लिए बसपा ने सदल प्रसाद को चुनावी अखाड़े में उतारा। मोदी लहर चरम पर था। इस चुनाव में कमलेश पासवान को 417959 मत मिले। जबकि दूसरे नंबर पर रहे बसपा के सदल प्रसाद को 228443 मत पाकर संतोष करना पड़ा। इस प्रकार 2014 में कमलेश पासवान ने 189516 मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दूसरी बार संसद पहुंचे।

कमलेश पासवान के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव बेहद रोचक है। क्योंकि अब हैट्रिक लगाने की बारी है। इस बार यदि कमलेश चुनाव में उम्मीदवार बनकर जीत हासिल करते हैं तो हैट्रिक लगाकर संसद में जाने वाले सांसदों की सूची में नाम दर्ज होगा।


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