अवैध कब्जे और भूमाफियाओं के खिलाफ धरने में खपा दिया आधा जीवन लेकिन न्याय अब भी कोसों दूर

अवैध कब्जे और भूमाफियाओं के खिलाफ धरने में खपा दिया आधा जीवन लेकिन न्याय अब भी कोसों दूर



लखनऊ ।अवैध कब्जे और भूमाफियाओं के खिलाफ पिछले 24 साल से अनवरत धरना दे रहे मास्टर विजय सिंह को लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में भले ही जगह मिल चुकी हो लेकिन उनकी न्याय की तलाश फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है।

शामली जिले के निवासी पेशे से शिक्षक विजय सिंह अपने गांव चौसाना ब्लाक में चार हजार बीघे सर्वाजनिक भूमि पर अवैध कब्जे हटाने की मांग को लेकर विगत 26 फरवरी 1996 से से मुजफ्फरनगर धरने पर बैठे है। श्री सिंह की मांग है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी प्रमुख सचिव राजस्व अध्यक्ष राजस्व परिषद और डीजीपी पुलिस भूमि घोटाले की समीक्षा कर कार्यवाही कराएं। उन्होने कहा कि अगर जांच में उनकी मांगे गलत पायी जाती है तो वह उम्रकैद तक की सजा भुगतने को तैयार है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मास्टर विजय ने कहा कि उक्त सर्वाजनिक भूमि को राजनैतिक दबंगों व अन्य भूमाफियाओं ने राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा कर रखा है। यह जमीन गरीबों एवं सर्वाजनिक कार्यो के प्रयोग के लिए थी। उनकी शिकायत पर कमिश्नर जॉच, आईजी सीबीसीआईडी जांच व अपर जिलाधिकारी जॉच, उप जिलाधिकारी जांच हुई जिसमें सारे आरोप सही साबित हुये। 300 बीघा जमीन मुक्त भी हुई। 136 मुकदमें राजस्व न्यायालयों में दर्ज हुये तथा 81 हजार रूपये दण्ड स्वरूप राजकोष में जमा हुये जॉचों में विरोधाभास में और सम्पूर्ण 4 हजार बीघा जमीन की जॉच राजनैतिक दबाव व भ्रष्टाचार के कारण अभी तक पूरी नही हुई क्योकि अवैध कब्जाधारी जिस पार्टी की भी सरकार सत्ता में आती हैं उसी में शामिल हो जाते है।

मास्टर जी का कहना है कि वर्तमान में उक्त सार्वजनिक भूमि घोटाले की जॉच विशेष सचिव राजस्व उत्तर प्रदेश एवं राजस्व बोर्ड के अधिकारी सात साल से जॉच समिति जॉच कर रही है। यह जॉच समिति पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर गठित हुई थी। वह कई बार जॉच समिति को शीघ्र जॉच व परिणाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे है।

उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में भी जॉच को तत्काल पूरा कर कार्यवाही करने का निवेदन वह कर चुके है तथा कई बार मुख्यमंत्री जी से भी मिलने का प्रयास किया परन्तु समय नही मिल पाया।

उनका कहना है कि भू माफिया सार्वजनिक जमीन पर खेती कर अवैध रूप से आय प्राप्त कर रहे है तथा राजकोष को हानि पहुंचा रहे है। इन अवैध कब्जेधारियों मे करोडपति, बडे किसान, एवं दूसरे जिले के निवासी इंजिनियर, आदि लोग शामिल है। लगभग सभी अवैध कब्जाधरियों की संख्या 140 के लगभग है। मुख्य रूप से इस घोटाले में पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह व उसके भाई करण सिंह व अन्य लोग षडयंत्र में शामिल है। इन लोगों ने राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों की मिली भगत सें राजस्वं रिकार्ड में गरीब व खेतीहर मजदूर बनकर अवैध पट्टे कराये तथा रिकार्ड में फर्जी प्रविष्टी भी कराई जिसका उल्लेख जॉच रिपोर्ट में है।

शिक्षक ने कहा कि यदि इन लोगो का पट्टा व पात्रता सही है तो वह आजीवन जेल जाने के लिए तैयार है। यह भूमि घोटाला प्रकरण 1994 से प्रारम्भ हुआ था अब इसे 25 साल होने जा रहे है। दुखद बात यह है कि भूमाफियाओं पर कार्यवाही नही हो पा रही है।


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