घूस लेते महिला सहायक सहित रंगे हाथों धरा गया ट्रेजरी का बाबू

घूस लेते महिला सहायक सहित रंगे हाथों धरा गया ट्रेजरी का बाबू


मेरठ। कलक्ट्रेट में कार्यरत रहे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पेंशन पत्नी के नाम ट्रांसफर करने की एवज में छह हजार की रिश्वत ले रहे ट्रेजरी के बाबू को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। बाबू के साथ साथ उसका सहयोग करने वाली एक महिला सहायक को भी दबोचा गया है। आरोपितों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं घटना के बाद ट्रेजरी के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।

गंगानगर ईशापुरम फेस टू निवासी सुखवीर सिंह कलक्ट्रेट में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। वह वर्ष 2000 में सेवानिवृत्त हुए थे। सुखबीर के पुत्र नवीन ने बताया कि बीती 26 जनवरी को उसके पिता सुखबीर की मौत हो गई। जिसके बाद पिता की पेंशन को अपनी मां रामवती के नाम ट्रांसफर कराने के लिए नवीन ने ट्रेजरी कार्यालय में संपर्क किया। नवीन का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ट्रेजरी के कर्मचारी उसे टरका रहे थे। आठ मार्च को ट्रेजरी में कार्यरत बाबू सुधीर ने पेंशन ट्रांसफर करने की एवज में नवीन से छह हजार रुपये की घूस मांगी। जिसके बाद नवीन ने सोमवार को एंटी करप्शन विभाग में पूरे मामले की शिकायत की।

मंगलवार की दोपहर एंटी करप्शन की टीम ने ट्रेजरी में जाल बिछाते हुए नवीन को केमिकल लगे छह हजार के नोट देकर बाबू संदीप से मिलने भेजा। जैसे ही नवीन ने संदीप को रिश्वत की रकम दी तो संदीप ने उसमें से एक हजार रुपये अपनी सहायक नीलम को दे दिए। इसी दौरान एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते संदीप और नीलम को रंगे हाथ दबोच लिया।

एंटी करप्शन की टीम को सामने देखते ही दोनों आरोपियों के होश उड़ गए। उधर घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेजरी कार्यालय में हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन के अधिकारी आरोपी संदीप और नीलम को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

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