महिला दिवस पर शहीद की पत्नी बनीं मिसाल, बेटे को फौज में भेजने को तैयार

महिला दिवस पर शहीद की पत्नी बनीं मिसाल, बेटे को फौज में भेजने को तैयार




कानपुर देहात। पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की पत्नियां भी देश की तमाम महिलाओं के लिए एक नसीहत बनकर सामने आई हैं। देश की सेवा में बॉर्डर पर खड़े देश के जवानों को देश की रक्षा के लिए इन जवानों की पत्नियां ही उनको प्रेरित करती हैं और साहस देती हैं। कानपुर देहात जिले के शहीद श्यामबाबू की पत्नी देश की तमाम महिलाओ के लिए एक मिसाल बनी हुई हैं।

कानपुर देहात के गांव रैगवा के रहने वाले जवान श्याम बाबू पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गये थे। उनकी पत्नी रूबी देवी महिलाओं के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने पति की शहादत पर गर्व जताते हुए देश की तमाम शहीदों की पत्नियों को नसीहत दी है कि वे अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा कर फौज में भर्ती करें ताकि वो सब देश की सेवा करके अपने पिता की मौत का बदला ले सकें। अपने पति की शहादत पर भी साहस और धैर्य का परिचय देते हुए 4 साल के मासूम बेटे और 4 माह की मासूम बेटी को फौज के लिए तैयार करने में लगी हुई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार से खास बातचीत में रूबी देवी ने बताया कि देश की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। अगर आतंकियों ने छुपकर यह कायराना हरकत ना की होती तो हमारे पति कम से कम 50 आतंकियों को मार गिराते, तब शायद हमें इससे ज्यादा गर्व होता। शहीद की पत्नी ने आतंकी हमले के बदले को लेकर कहा कि सेना ने जो बदला लिया है वह ठीक है लेकिन जब तक सारे आतंकवादी चुन-चुन कर नहीं मारे जाते तब तक पूर्ण रूप से बदला पूरा नहीं होगा। ताकि जो हम पर मुसीबत आन पड़ी है, वो देश की रक्षा कर रहे और जवानों की पत्नियों पर ना आये।

महिला दिवस पर जनपद की समाज सेविका कंचन मिश्रा ने शहीद की पत्नी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया और बताया कि हमें शहीद की पत्नियों पर गर्व है। यह हमारे देश की वीरांगना भी हैं जो बड़े हिम्मत और साहस के साथ आतंकियों से लड़ने के लिए अपने पति को देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर भेज देती हैं। इनका धैर्य और साहस ही हमारे देश के लिए एक चट्टान साबित हुआ है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से आह्वान करते हुए कहा कि पाकिस्तान में छुपे सभी आतंकियों का खात्मा करें, तभी हमारा बदला पूरा होगा।


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