फर्रुखाबाद: शहीदों को श्रद्धाजंलि दे दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे

फर्रुखाबाद: शहीदों को श्रद्धाजंलि दे दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे



फर्रुखाबाद। पुलवामा हमले में शहीदों के गम में दूल्हा-दुल्हन ने वरमाला डालने से पहले हाथों में तिरंगा थाम दो मिनट का मौन रखा। नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहे दूल्हा-दुल्हन को मंच से जिस किसी ने देखा तो उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गई। जिसके बाद सभी जोश में वंदेमातरम के उद्घोष गूंजने लगे।

शहनाई की जगह शादी में 'ऐ मेरे वतन के लागों जरा आंख में भर लो पानी' जैसे देश भक्ति के गीतों बजने से शादी का माहौल राष्ट्र भक्तिमय हो गया। इस दौरान हाथों में तख्तियां लिए बारातियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस माहौल के बीच दूल्हा ब्रजेश और दुल्हन कामिनी की यह शादी यादगार हो गई।

कमालगंज कस्बा के मोहल्ला प्रताप नगर निवासी रामबाबू चौरसिया की बेटी कामिनी की 21 फरवरी की रात कन्नौज से बारात आई। जनपद कन्नौज के सौरिख निवासी रामेश्वर दयाल चौरसिया के पुत्र बृजेश कुमार के द्वारचार की रस्म पूरी की गई। फिर गेस्ट हाउस में वर-वधू जयमाल के लिए मंच पर पहुंचे। वधू पक्ष की महिलाएं व बाराती भी जयमाल देखने के लिए उत्सुकता से मंच को घेरे हुए थे। लेकिन जयमाल से पूर्व दूल्हा बृजेश ने तिरंगा मंगाने की इच्छा जाहिर की।

कहा कि कन्नौज के सैनिक प्रदीप यादव कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए हैं। उनके घर से 22 किमी दूरी पर ही शहीद का घर है। वह अपने दाम्पत्य जीवन की शुरुआत शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देकर करेंगे। इस पर तिरंगा व नारे लिखी तख्तियों की व्यवस्था की गई। वर-वधू ने हाथों में तिरंगा थामा और बारातियों ने नारे लिखी तख्तियां। फिर दूल्हा बृजेश ने साउंड पर बज रहे शहनाई के गीत भी बंद करवा दिये और 'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी', गीत बजवाए गये। वर-वधू समेत उपस्थित जनाती व बरातियों ने नम आंखों से दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जयमाल की रस्म के साथ ही शादी की अन्य रस्में चली। शुक्रवार को जब दुल्हन की विदाई हुई तो सभी इस शादी को लेकर चर्चा कर रहे थे।

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