झांसी: कब्रिस्तान में तोड़ी गयीं कुछ कब्रें, इलाके में फैला तनाव

झांसी: कब्रिस्तान में तोड़ी गयीं कुछ कब्रें, इलाके में फैला तनाव


झांसी । उत्तर प्रदेश में झांसी के कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में कुछ कब्रों के तोडे जाने के बाद इलाके में गुरूवार को तनाव फैल गया , इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने मुस्लिम समाज के लोगों को शांत कराते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया।

कोतवाली थानाक्षेत्र अर्न्तगत सूजे खां की खिड़की बाहर स्थित हम्मालान समाज के कब्रिस्तान में कल शाम एक मिट्टी को दफनाया गया था उसके परिजन गुरूवार सुबह जब कब्रिस्तान में आये तो वहां चार पांच कब्रें टूटी हुईं पायीं इतना ही नहीं तोड़ी गयी कब्रों पर शराब की थैलियों को भी फेका गया था। कब्रों पर तोडफाेड की बात तेजी से फैली और देखते ही देखते मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गये । लोगों ने इसकी जानकारी डायल -100 को दी और जानकारी मिलते ही कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गयी।

मामले की संजीदगी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सदर(एसपी सिटी) भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। लोगों का आरोप है कि कब्रिस्तान की जमीन को गुरूसराय निवासी नेहा खान अपनी बताती हैं जबकि जमीन सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की है । एसपी सिटी ने दोनों पक्षों की बात सुनी और अपने अपने दावे के पक्ष में कागजात पेश करने को कहा ।

एसपी सिटी ने कहा कि पूरे मामले को तहसीलदार देख रहे हैं! कब्रिस्तान के विवाद को लेकर जांच शुरू कर दी गयी।

कब्रिस्तान बिरादरी हम्मालान समिति के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अख्तर ने बताया कि झांसी के महाराजा गंगाधरराव ने मुस्लिम समाज की विभिन्न बिरादरियों को कब्रिस्तान के लिए जमीन दान में दी थी और हमारे समाज को कब्रिस्तान के रूप में मिली जमीन के रखरखाव की जिम्मेदारी विवाद में दूसरा पक्ष नेहा खान के दादा को दी गयी थी बाद में इस जमीन की खतौनी में नेहा के परिजनों का नाम चला गया लेकिन यह जमीन तो वक्फ बोर्ड की ही है। यह जमीन वक्फ बोर्ड के 37 नंबर रजिस्टर में 573 नंबर पर कब्रिस्तान की जमीन के रूप में दर्ज है । कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद न्यायालय में लंबित होने के कारण अभी तक इसकी बाउंड्री भी नहीं करायी जा सकी है। इसी सब का फायदा लेकर दूसरा पक्ष जब भी मिट्टी दफनायी जाती है तभी कब्रों पर तोडफोड करता है।

श्री अख्तर ने बताया कि पहले भी कई बार विवाद हो चुका है और समाधान न होने पर विवाद कोर्ट में लंबित है । उन्होंने कहा कि इस मामले में आज भी एफआईआर दर्ज करने की बात कही गयी लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ पुलिस ने नहीं किया है लेकिन कहा है कि सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड के नुमाइंदों को बुलाकर तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में शीघ्र ही विवाद का समाधान कराया जायेगा।

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