एसआईटी ने पूरी की सहारनपुर जहरीली शराब कांड की जांच, अगले हफ्ते शासन को सौंपी जाएगी जांच और कार्रवाई रिपोर्ट

एसआईटी ने पूरी की सहारनपुर जहरीली शराब कांड की जांच, अगले हफ्ते शासन को सौंपी जाएगी जांच और कार्रवाई रिपोर्ट


सहारनपुर (गौरव सिंघल)। एसआईटी ने सहारनपुर जहरीली शराब कांड की जांच पूरी कर ली है। अगले हफ्ते शासन को जांच और कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी जाएगी। तीन दिन तक चली इस जांच के बाद के बाद एसआईटी प्रमुख एडीजी रेलवे संजय सिंघल बीती रात लखनऊ लौट गए। एसआईटी के सदस्य सहारनपुर के कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि एसआईटी दल ने तीन दिनों के दौरान जिले के एक दर्जन गांवों के लोगों के बयान दर्ज किए। जाच रिपोर्ट को शीघ्र तैयार कर अगले सप्ताह तक शासन को सौंप दिया जाएगा। जनपद में जहरीली शराब पीने से हुईं 100 से अधिक लोगों की मौतों की जांच के लिए शासन द्वारा रेलवे एडीजी संजय सिंघल की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने 12 फरवरी को अपनी जांच शुरू की थी। टीम में शामिल मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी और आईजी शरद सचान के साथ एडीजी संजय सिंघल ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों, मेडिकल अफसरों से लेकर पुलिस कर्मियों, थानाध्यक्षों तक से पूछताछ की। साथ ही गांव-गांव जाकर मृतकों के परिजनों, शराब पीकर बीमार होने वाले लोगों से, अस्पताल में भर्ती मरीजों से, ग्राम प्रधानों एवं गांव के प्रमुख लोगों से बयान दर्ज किए थे। तीन दिन तक चली जांच में एसआईटी ने लगभग एक दर्जन गांवों के लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली। शराब बनने से लेकर पीने तक के बारे में जानकारी की गई।

बता दें कि शुक्रवार देर शाम को प्राथमिक स्तर पर जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद एसआईटी प्रमुख एडीजी संजय सिंघल लखनऊ रवाना हो गए। आईजी शरद सचान का कहना है कि अभी जांच प्राथमिक स्तर पर ही हुई है। अभी काफी जांच होनी शेष है। एडीजी रेलवे संजय सिंघल रवाना हो चुके हैं। अभी मामले में जांच जारी रहेगी और टीम दोबारा से गांवों में पहुंच सकती है। एसआईटी की सहारनपुर में 125 पीड़ितों के बयान दर्ज किए। एसआईटी चेयरमैन एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने यह सवाल सभी से पूछा कि वे शराब कहां से लाए थे, किसने उन्हें लाकर दी थी और उसका असर कब दिखाई दिया। उधर, गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कोलकी के 65 वर्षीय ओमपाल की जिंदगी तो बच गई, लेकिन उसकी आंखों की रौशनी चली गई। उसके पुत्र बिट्टू ने आज बताया कि एसआईटी ने सहारनपुर के मेडिकल कालेज में ओमपाल के बयान दर्ज किए। जिसमें उसने बताया कि उसने दो पैक शराब पी थी। इसी गांव के अशोक कुमार की आंखों की रौशनी भी चली गई है। अशोक ने अपने तीमारदार की मदद से बयान दर्ज कराए। गांव पुंडेन में भी कई पीड़ितों की जिंदगी में अंधेरा छा गया है। गांव कोलकी निवासी गुड्डो पत्नी सतबीर ने बताया कि जहरीली शराब से जहां उसके पति की मौत हो गई, वहीं उसका जेठ ओमप्रकाश आंखों की रौशनी गंवा चुका है। उसका देवर सूरजपाल भी मेडिकल कालेज मेरठ में भर्ती हैं उसकी भी आंखों की रौशनी चली गई है। पड़ौसी इंदर को भी दिखाई देना बंद हो गया है। गांव कोलकी निवासी अनिस की पत्नी संजीदा ने बताया कि गांव में महिलाएं भी शराब बेचने का धंधा करती हैं। उसके पति ने एक महिला से शराब खरीदी थी। इसी गांव के अनिस पुत्र महमूद की जिंदगी में भी अंधेरा छा गया है। अनिस के पुत्र नीसू ने बताया कि चार-पांच दिन पहले उसके पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, अब उन्हें दिखाई देना बंद हो गया है। गांव सलेमपुर के सुभाष के आंखों की रौशनी भी चली गई है। एसआईटी के अध्यक्ष संजय सिंघल, सहारनपुर कमिश्नर सीपी त्रिपाठी और सहारनपुर के आईजी शरद सचान ने लोगों के बयान दर्ज किए। माली गांव निवासी दीपचंद की पत्नी बबिता ने बताया कि उसके पति ने थाना झबेड़ा के गांव बालूपुर से शराब लाकर पी थी। कमला देवी ने बताया कि उसके बेटे राजू ने भी वहीं से शराब खरीदी थी।

पुंडेन निवासी अशोक ने बताया कि उसने बालूपुर से शराब खरीदकर घर लाकर पी थी। उसकी जान तो बच गई लेकिन वह आंखों से अंधा हो गया है। गांव कोलकी निवासी सेवाराम ने एसआईटी अध्यक्ष संजय सिंघल को बताया कि गांव निवासी नीतिश से शराब खरीदी थी जो इस गांव में शराब बेचने का काम करता है। गांव कोलकी के रेशमा, माया ने एसआईटी को बताया कि उनके गांव में दो आदमी और एक महिला शराब बेचने का धंधा धड़ल्ले से करते हैं। रेशमा के पति विश्वास और माया के पति अरूण की इसी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई थी। गागलहेड़ी की महिला बबिता ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि उसके पति पप्पू ने कहां से शराब लाकर पी थी। गांव चिनारपुर के इंद्र ने बताया कि उसके बेटे आकाश की जहरीली शराब पीने से मौत हुई है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह कहां से शराब लाया और पिया था। एसआईटी दल के साथ डीएम आलोक पांडे, एसएसपी दिनेश कुमार पी भी थे। उधर, जिला प्रशासन ने देवबंद क्षेत्र के दस मृतक परिजनों के आश्रितों को दो-दो लाख रूपए के चैक वितरित किए। पुलिस के मुताबिक जनपद में इतनी मौतें होने के बावजूद शराब के देशी ठेको/दुकानों पर बिक्री बढ़ी है। आबकारी विभाग के अनुसार नांगल थाना क्षेत्र जहां 50 से ज्यादा लोगों ने जहरीली शराब कांड में अपनी जान गंवाई। उसके चलते देवबंद के सीओ सिद्धार्थ और थाना नांगल थानाध्यक्ष और पांच सिपाही को निलंबन की मार झेलनी पड़ी। उसी थाना क्षेत्र के गांव सिड़की, दधहेड़ा, गांगनोली, लाखनोर और साधारणसिर गांव में शराब की दुकानों पर शराब की बिक्री दोगुना हो गई है।

एसआईटी दल ने जहरीले शराब कांड की बारीकी से जांच करते हुए पुलिस की रिपोर्ट की भी जांच पड़ताल की। पुलिस ने दो आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। जिन लोगों को रिमांड पर लिया गया हैं उनमें लाड्डी और रिंकू शामिल हैं। एसपी देहात विद्यासागर मिश्र के मुताबिक इंद्रपाल सैनी नांगल को 24 घंटे के रिमांड पर लिया गया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक मुख्य आरोपी अर्जुन भी पूछताछ के आधार पर उसे आईसोप्रोपिल एल्कोहल के छह डरम बेचने वाले ऐसी सोल्यूलोज कंपनी के मालिक अमित गुप्ता, उनके मैनेजर सचिन गुप्ता, विपिन कुमार और मनोज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कंपनी मालिकों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह केमिकल दिल्ली, हिमाचल और मुंबई से सप्लाई हुआ था। पुलिस प्रकाश में नए तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी। इससे जांच का दायरा यूपी, उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल, मुंबई, दिल्ली तक बढ़ गया है।

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