कोर्ट ने खुदकुशी के लिए उकसाने वाले दो दोषियों को छह साल का कठोर कारावास

कोर्ट ने खुदकुशी के लिए उकसाने वाले दो दोषियों को छह साल का कठोर कारावास


पचास-पचास हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश नैन ने खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में दोषी पाए गए दो लोगों को छह-छह साल के कठोर कारावास और पचास-पचास हजार रूपए अर्थदंड के रूप में सुनाई। सरकारी वकील देवीदयाल शर्मा ने आज बताया कि 17 जून 2015 की रात को नागल थाने के गांव पनियाली में नेत्रपाल ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

मृतक की पत्नी कमलेश ने थाना नागल में गांव निवासी जगतार और मांगेराम पर आरोप लगाया था कि इन दोनों ने उसके पति नेत्रपाल की खेत में लगी ट्यूबवैल की बिजली लाइन उखाड़ दी थी, जिससे फसल सूख गई थी। इसी से दुःखी होकर नेत्रपाल ने खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोनों के खिलाफ चार्जसीट दाखिल की थी। सत्र न्यायाधीश डा राकेश नैयन ने मांगेराम और जगतार को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

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