लोनी में सिलेंडर फटने से ढाई मंजिला मकान में भीषण आग,महिला की मौत, दो बच्चे व दमकल कर्मी भी झुलसे

लोनी में सिलेंडर फटने से ढाई मंजिला मकान में भीषण आग,महिला की मौत, दो बच्चे व दमकल कर्मी भी झुलसे



, कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके में बुधवार की देर रात करीब एक बजे ढाई मंजिला मकान में गैस का सिलेंडर फटने से आग लग गयी। हादसे में एक महिला की मौत हो गयी जबकि बच्चे व एक दमकल कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि ढाई मंजिला यह मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आई दो बच्चों व दमकल कर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। जिस मकान में आग लगी है उसमें नीचे बेकरी थी। सबसे पहले आग बेकरी में ही लगी।

यह भीषण अग्निकांड लोनी थाने के इकराम नगर में बुधवार की देर रात में करीब एक बजे हुआ। इकराम नगर में नजीर अहमद अपने परिवार के साथ ढाई मंजिले मकान में रहता है। उसके परिवार में पत्नी फातिमा (32) के अलावा चार बच्चे साकिब (9), अलीसा (7), आयशा (5) तथा अहसान (01) थे। नजीर ने मकान में नीचे बेकरी बना रखी थी और ऊपर खुद रहते हैं।

लोनी थाना प्रभारी संजय वर्मा ने गुरुवार को बताया कि देर रात बेकरी में आग लग गयी। उसमें काम करने वाला कर्मचारी दौड़कर ऊपर गया और नजीर को इसकी जानकारी दी। इस पर नजीर उसके साथ नीचे आया। जब तक दोनों आग बुझाने की कोशिश करते तब तक आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। उन्होंने बाहर आकर मदद की गुहार लगायी। इसी दौरान वहां रखा गैस का सिलेंडर फट गया और ढाई मंजिल इमारत भी धड़ाम से नीचे आ गिरी। इसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक लोगों को सुनायी दी। इससे हड़कम्प मच गया और आनन फानन में लोग मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। लोगों ने स्थानीय पुलिस एवं दमकल को सूचित किया गया।

सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीम ने बचाव और राहत कार्य शुरू किया। मलवा ज्यादा होने के कारण एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम, दमकल एवं पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया किया। इस दौरान बचाव कार्य के दौरान एक दमकल कर्मी भी घायल हुआ। इसके अलावा मौके पर मौजूद लगभग दस लोग भी मामूली रूप से झुलसे हैं।

देर रात हुए इस हादसे के बाद से इलाके में शोक व्याप्त है। शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि पहले गैस का सिलेंडर लीक हुआ। इसके बाद घर में आग लगी। और अचानक ही सिलेंडर फट गया।

मां ने खुद की जान देकर चारों बच्चों को बचाया

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस भीषण अग्नि कांड के दौरान जब फातिमा आग में घिर गयी तो उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए अंतिम सांस तक अपने बच्चों को बचाने की कोशिश की और एक-एक करके बच्चों को रजाई में लपेटा और नीच फेंक दिया। इसके बाद बचाव कार्य में लगे लोगों ने उन्हें बचा लिया लेकिन वह खुद को आग से नहीं बचा सकी और उसकी मौत हो गयी। उसके दो बच्चों को जहां अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो को मामूली चोटें आयी हैं।


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