पुलिस कस्टडी में जुआरी की मौत, शव को फेंकने की फिराक में थी पुलिस कप्तान ने मजिस्ट्रेटी जांच के दिये आदेश, एसओ समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

पुलिस कस्टडी में जुआरी की मौत, शव को फेंकने की फिराक में थी पुलिस कप्तान ने मजिस्ट्रेटी जांच के दिये आदेश, एसओ समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित


कानपुर। चौबेपुर थाना पुलिस एक गांव से नौ जुआरियों को पकड़ा, जिसमें एक की मौत हिरासत में लेने के दौरान हो गयी। जुआरी की मौत देख पुलिस शव को ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली, लेकिन ग्रामीणों को भनक लगते ही मामले का खुलासा हो गया। इधर ग्रामीणों के बढ़ते बवाल को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गये। कप्तान ने एसओ सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया और मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये।

चौबेपुर थानाक्षेत्र के सुज्जा निवादा गांव में गुरुवार को कुछ लोग जुआं खेल रहे थे। जिसकी जानकारी पुलिस को हो गयी और थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह सोलंकी हमराहियों के साथ नौ जुआरियों को भेजेलाल के घर से पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक देर शाम तक थानाध्यक्ष सभी जुआरियों से पहचान पत्र लेकर वसूली करता रहा। लेकिन एक जुआरी पवन के पास पहचान पत्र नहीं मिला। जिससे उसको नहीं छोड़ा और इधर हिरासत में पिटाई से उसकी तबियत खराब होती चली गयी। सांयकाल जब पवन ने पुलिस लॉकअप में दम तोड़ दिया तो पुलिस ने आनन-फानन में नजदीक के प्रकाश नर्सिंग होम में दिखवाया जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद पुलिस पवन को लेकर सीएचसी में दिखवाया और वहां भी डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस उसे लावारिश के हालत में फेकने की फिराक में जुट गयी और जिसकी भनक ग्रामीणों को लग गयी। भनक लगते ही ग्रामीण थाने का घेराव कर लिया और पुलिस के आलाधिकारी और पीएसी सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रद्युमन सिंह, पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजीव सुमन ने ग्रामीणों से बातचीत की तो हकीकत सामने आ गया कि पुलिस की लापरवाही से जुआरी की मौत हुई है। जिसके बाद आलाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने शुक्रवार को बताया कि एसओ देवेन्द्र सिंह सोलंकी, सिपाही तिरमल यादव, एसएस पोरवाल सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये गये हैं। कहा, आज पवन का पोस्टमार्टम हो रहा है और जांच रिपोर्ट के साथ मजिस्ट्रेटी जांच आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आईडी कार्ड बना मौत का कारण

पवन मूलतः उन्नाव जनपद के ऊबू गांव का रहने वाला था। यहां पर वह बॉबी बस में बतौर परिचालक के रूप में कई वर्षों से काम करता था और वह बस बीएनडी कालेज में लगी हुई थी। बस में ही वह रहता था। बताया जा रहा है कि पुलिस अन्य आठ जुआरियों से रूपया लेने के बाद आईडी लेकर छोड़ दिया। लेकिन पवन के पास आईडी नहीं थी। जिससे पुलिस उसको मारती रही और उसके सभी रूपए छीन लिये।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें


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