दुराचार के आरोपी को छह साल पुराने केस में कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कैद व 50 हजार रूपए जुर्माने की सजा

दुराचार के आरोपी को छह साल पुराने केस में कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कैद व 50 हजार रूपए जुर्माने की सजा


देवबंद (गौरव सिंघल)। अपर सत्र न्यायाधीश अनामिका चैहान ने छह साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए दुराचार के आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास एवं 50 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वूसले गए अर्थ दंड में से तीस हजार रूपए पीडिता को दिए जाने के आदेश भी कोर्ट ने दिए है।

सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि मामले की शिकायत 16 मई 2012 को पीडिता के चाचा ने थाना देहात में दर्ज कराई थी। इस मामले में नाबालिग लडकी के अपहरण के लिए दो लोगों को नामजद किया था। आरोप था कि 11 मई 2012 की सुबह आठ बजे वादी की 12 वर्षीय भतीजी चाय लेकर खेत आ रही थी। रास्ते में थाना कुतुबशेर के अंतर्गत पडने वाले गांव लाहियागढ़ निवासी पूरन उर्फ सूरज व विजयपाल पुत्र दिला ने बच्ची का अपहरण किया था। गांव के राजवीर व रविंद्र ने उन्हें बच्ची को ले जाते हुए देखा था।

घटना के छह दिन बाद पीडित बदहवास हालत में रेलवे स्टेशन पर मिली। पीडिता ने बताया कि पूरन उर्फ सूरज पुत्र महीपाल उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गया था। पांच दिन तक लगातार उसके साथ दुराचार किया। पूरन चाकू दिखाकर लगातार धमकी देता था कि यदि उसकी बात न मानी गई तो उसके भाई को जान से मार देगा। पुलिस ने विवेचना के बाद पूरन के खिलाफ नाबालिक के अपहरण, दुराचार के आरोप में चार्जशीट न्यायालय में पेश की। दोनो पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावली पराए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश अनामिका चैहान ने पूरन को 10 साल कैद व पचास हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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