आय से अधिक सम्पत्ति मामले में विजिलेंस जांच में भी दोषी पाए गए गायत्री, दर्ज हो सकती है एफआईआर

आय से अधिक सम्पत्ति मामले में विजिलेंस जांच में भी दोषी पाए गए गायत्री, दर्ज हो सकती है एफआईआर



अमेठी। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जेल की सलाखों के पीछे चल रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की मुश्किलें एक के बाद एक बढ़ती जा रही है। अब आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में वि​जिलेंस जांच में गायत्री और उनके परिजन समेत 25 सहयोगी पाए दोषी गए हैं, जिनके विरुद्ध जांच टीम ने शासन को रिपोर्ट भेजकर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

दरअसल वर्ष 2016 में शिकायतकर्ता डॉ. रजनीश सिंह ने आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में लोकायुक्त में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने उन पर एक हजार करोड़ की अकूत सम्पत्ति बनाने का आरोप लगाया था। कुछ महीनों पूर्व लोकायुक्त ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। जांच में की गई शिकायत सही पाई गई थी। इसके बाद शासन ने जून-जुलाई 2018 में विजिलेंस टीम को जांच के निर्देश दिए थे।

शिकायतकर्ता डॉ. रजनीश सिंह की मानें तो विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया है कि गायत्री,उनके पुत्र अनिल व अनुराग, सहयोगी पिंटू सिंह, विकास वर्मा और अशोक तिवारी समेत 25 के विरुद्ध विजलेंस टीम ने शासन को रिपोर्ट भेजकर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है। शिकायतकर्ता डॉ. रजनीश सिंह ने विजलेंस टीम को जांच हेतु आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। उनका कहना है कि गायत्री ने अमेठी, लखनऊ, दिल्ली, गुड़गांव और कोलकाता में अवैध सम्पत्ति बनाई है।

गौरतलब है कि चित्रकूट की एक महिला की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में गायत्री और अन्य के विरुद्ध सामूहिक बलात्कार की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसके बाद सभी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा अवैध खनन, वाराणसी में व्यापारी से रंगदारी मांगने और आईपीएस अमिताभ ठाकुर को रेप में फंसाने के मामले भी गायत्री पर मुकदमा दर्ज है।


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