गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चलने लगी नावें

गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चलने लगी नावें



सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोकी

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में कहर बरपा रही गंगा और रामगंगा की बाढ़ के पानी से शनिवार को 85 गांवों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से टूट गया। इस वजह से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। इस क्षेत्र की कई सड़कों पर नावें चलने लगी हैं।

नरोरा बांध से 4.62 हजार क्यूसेक पानी शनिवार को गंगा नदी में फिर छोड़ा गया है, जबकि रामगंगा में कालागढ़ बांध से 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोनों नदियों में पानी छोड़े जाने से स्थिति और गम्भीर हो सकती है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने गंगा के जलस्तर बढ़ने की जानकारी पर तुरंत बैठक बुलाई। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों से मौके पर जाकर पीड़ितों की सहायता करने के निर्देश दिये हैं। बाढ़ पीड़ितों की सहायता न करने पर कटरी धर्मपुर के प्रधान को निलम्बन की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी ने एक-एक अधिकारियों को चार-चार बाढ़ प्रभावित ग्रामों में जाकर उनकी सहायता के निर्देश दिये हैं। उन्होंने राजस्व कर्मियों के अलावा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए बीएलओ को भी लगा दिया है।

बाढ़ दोहरा सकती हैं 2011 का इतिहास

आये दिन गंगा और रामगंगा में पानी छोड़े जाने से यह नदियां 2011 का इतिहास दोहरा सकती है। जनपद में बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे योगेंद्र प्रताप सिंह, सुधीर सिंह का कहना है कि वर्ष 2011 में इसी तरह की बाढ़ आई थी। उस समय यहां के लोगों ने खेतों पर धान की फसल तैयार की थी। कई साल तक इस क्षेत्र में भुखमरी का आलम रहा। शनिवार बाढ़ का पानी चित्रकूट, कटिना, मानकपुर में घुस गया है। जबकि कटरी, धर्मपुर, कछुआ, गाड़ा, पंखियन की मड़ैया, कमतरी, सहित 84 गांवों की हालत गम्भीर बनी हुई हैं। बदायूं मार्ग पर नाव चलने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।


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