केमिकल रंगों वाली हरी सब्जियां बिगाड़ रही सेहत..जिम्मेदार विभाग की लापरवाही से मिलावटखोर बेधड़क बेच रहे जहरीली सब्जियां

केमिकल रंगों वाली हरी सब्जियां बिगाड़ रही सेहत..जिम्मेदार विभाग की लापरवाही से मिलावटखोर बेधड़क बेच रहे जहरीली सब्जियां



कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में इन दिनों में हरी सब्जियों को ताजा दिखने के लिए हरा रंग करने का काम जोरों पर है। इससे लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाकर विक्रेता मुनाफा कमाने में लगे हैं। ऐसा बाजार में बारिश के बाद हरी सब्जियों में आई बढ़ोत्तरी को देखते हुए किया जा रहा है।

खाद्य पदार्थां में मिलावट के बाद अब मिलावटखोर चंद पैसा कमाने के लालच में हरी सब्जियों में भी जहर घोल रहे हैं, जिससे लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जनपद में इन दिनों हरी सब्जियों में हरा रंग कर उन्हें बेचने का खेल बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से चल रहा है।

ये लोग लोगों को बेची जानी वाली हरी सब्जियों को रंग करने से पूर्व गंदे पानी से धोते हैं और सब्जियां हरी दिखे, इसके लिये जहरीला हरे रंग के केमिकल को पानी भरे बर्तन में घोलते हैं। फिर इन सब्जियों को उस हरे रंग के पानी में डालते हैं और थोड़ी देर डालने के बाद वापस बाहर निकाल लेते हैं। इसके बाद दुकान में बेचने के लिए सजा कर रखते हैं। ये सब्जियां देखने में हरी और ताजी लगती हैं, लेकिन सब्जी खरीदने वालों को नहीं पता कि इनमें जहर मिलाकर बेचा जा रहा है। लोग हरी सब्जियों को ताजा समझकर खरीदकर ले जाते हैं और शौक से खाते हैं। उन्हें इस बात का आभास ही नहीं होता कि हरी सब्जियों के बदले उनको जहर दिया जा रहा है।

लम्बे समय तक ऐसी सब्जियों को खाकर व्यक्ति कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। जब रंग कर बेची जा हरी सब्जियों खरीदने आये कन्हैया चंदेल व भारत भूषण से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन दिनों बाजार में विक्रेता बारिश के चलते सब्जियों के खेतों में खराब होने व माल न आने की बात कह रहे हैं। रोज-रोज एक ही चीज बनाकर खाने के बजाए व स्वास्थ लाभ को देखते हुए हरी सब्जियों को विक्रेताओं से मनमाफिक दाम देकर सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में अगर सब्जियों में रंग कर बेचा जा रहा है तो यह बहुत बड़ा धोखा है। इससे तो हम लोग बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे। वहीं लोगों की नाराजगी इस बात पर भी है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों की निगाह इस ओर नहीं जा रही है। जिम्मेदारों की लापरवाह कार्यशैली की वजह से मिलावटखोर बेखौफ होकर केमिकल युक्त हरी सब्जियां धड़ल्ले से बेच कर लोगो की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।

वहीं सब्जी विक्रेता पंकज की माने तो पानी की उचित व्यवस्था न हो पाने के कारण गंदे पानी से सब्जियों को धोना पड़ता है। कुछ लोग सब्जियों को हरा व ताजा रखने के लिए इन पर हरे रंग का प्रयोग भी करते हैं, जिससे ग्राहक वापस नहीं लौटे। जनपद के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. जय गोयल ने बताया कि हरी केमिकल युक्त सब्जियां खाने से मनुष्य के शरीर पर गम्भीर समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। यह पेट में धीरे-धीरे पहुंचकर कई तरह के रोग पैदा कर देती हैं और फिर व्यक्ति को बीमारियां घेर लेती हैं।

इन सब्जियों पर किया जा हरा रंग

हरी सब्जियों को ताजा दिखने के लिए परवल, तरोई, भिंडी, लौकी, हरी छिया, पीला पड़ने पर कद्दू को भी रंग किया जा रहा है। खरीददार हरी सब्जियों को खरीदते समय अधिक हरी सब्जियां होने पर उन्हें देखकर लें। ताकि ऐसी मिलावटी सब्जियों को खाने से बचा जा सके। इसके साथ ही सब्जियों को घर में लाने पर बनाने से पहले साफ पानी में अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है।


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