दो युवक नहर में डूबे, बहनों ने कहा, 'अब किसको बांधेंगे राखी'

दो युवक नहर में डूबे, बहनों ने कहा, अब किसको बांधेंगे राखी


रामगंगा नहर में नहाने पहुंचे तीन दोस्तों में दो की डूबने से मौत, एक ने झाड़ी पकड़कर बचाई जान

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में दो परिवारों के यहां रक्षाबंधन पर्व की खुशियां मातम में बदल गई। यहां बिधनू इलाके में नहर में नहाते समय तीन दोस्त डूब गये। एक ने झाड़ियां पकड़कर अपनी जान बचा ले, लेकिन दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। भाईयों की मौत की जानकारी मिलते ही बहनें बदहवास हो गईं। पुलिस ने गोताखोरों से शवों की तलाश कराते हुए कार्यवाही शुरू कर दी।

इन दिनों जनपद में गंगा के साथ सहायक नदियों पांडु व नोन नदी सहित सभी नहरों में बीते दिनों हुई बारिश के बाद से उफान आया हुआ है। ऐसे ही हालत बिधनू इलाके से गुजरने वाली रामगंगा नहर की भी है। नहर में बारिश के बाद से जलस्तर व बहाव काफी तेज है। बुधवार को स्कूटी से बर्रा-8 में रहने वाला पॉलीटेक्निक छात्र शशांक (19), 12वीं का छात्र उत्कर्ष और नीट की तैयारी करने वाले कृष्णकांत (21) कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकले। लेकिन कोचिंग न जाकर तीनों बिधनू के कल्यानीपुरवा रामगंगा नहर पुलिया पर पहुंचे। यहां पर तीनों ने कपड़े उतारे और नहर में नहाने के लिए पुलिया से कूद गये। नहर में उफान और तेज बहाव में तीनों दोस्त डूबने लगे। तीनों ने चीख-पुकार मचाने लगे। इस बीच बहाव में बहते समय शशांक ने झाड़ियां पकड़ ली और किसी तरह से खुद की जान बचाते हुए नहर से बाहर निकला। उसने दोस्त उत्कर्ष व कृष्णकांत के डूबने की मोबाइल से उनके परिजनों को जानकारी दी। बेटों के नहर में डूबने की सूचना मिलते ही परिवारों में मातम पसर गया। इस दौरान वहां युवक की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए नहर में डूबे युवकों की तलाश शुरू की।

आधे घंटे की तलाश के बाद ग्रामीणों ने उत्कर्ष के शव को खोज निकाला, लेकिन कृष्णकांत का कुछ पता नहीं चल सका। मौके पर थानाध्यक्ष संजीव चौहान पुलिस बल के साथ पहुंचे और गोताखोरों को बुलाकर उसकी खोजबीन शुरू कराई। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीसरे युवक का शव गोताखोरों ने बहाव में चलते पुलिया के काफी आगे से तलाश निकाला।

थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक युवक कृष्णकांत के पिता अनिल नायक कानपुर देहात स्थित रनिया इलाके की एडविल आयल फैक्ट्री में मैनेजर हैं। वह तीन बहनों में एकलौता भाई थी। बेटे की मौत पर मां सुधा, बहनें मोना व शालू बिलख पड़ी। जबकि तीसरी बहन दिल्ली में पढ़ाई कर रही है, जिसे रक्षाबंधन पर घर आना था। भाई का शव देखकर बहनों ने रो-रोकर कहा, अब किसको रक्षाबंधन पर राखी बांधेंगे।

वहीं दूसरे मृतक उत्कर्ष की मां नीरा ने नहर में डूबने से बचे शशांक पर बहला-फुसलाकर नहर में नहाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेजते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।


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