स्कूल में तैनात हैं 4 शिक्षक, मगर उपस्थिति सिर्फ एक की

स्कूल में तैनात हैं 4 शिक्षक, मगर उपस्थिति सिर्फ एक की


झांसी। समग्र शिक्षा अभियान चलाकर शासन आमजन तक शिक्षा का अलख जलाने का कार्य करना चाहता है। इसके लिए हाल ही में गांव-गांव में अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों तक ले जाने की भी कवायद की गई। लेकिन इसको पलीता लगाने का कार्य स्कूल के शिक्षक कर रहे हैं। जनपद की तहसील गरौठा में एक स्कूल ऐसा है जिसमें 4 शिक्षक तैनात हैं। लेकिन पढ़ाने के लिए सिर्फ एक ही आता है। यह क्रम महीनों से चल रहा है। इससे आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

बामौर विकासखण्ड के ग्राम खरवांच निवासी वीरेन्द्र ने अपने मोबाईल से मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी हरवंश कुमार से शिकायत करते हुए बताया कि उसके गांव में प्राईमरी स्कूल में 140 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हैं। बताया कि विद्यालय में 4 शिक्षक माधव सिंह,अमर खतर अंसारी,ओमप्रकाश व मनोहर सिंह तैनात हैं। वीरेन्द्र ने बताया कि इन चारों में से केवल अमर खतर अंसारी ही प्रतिदिन स्कूल आकर अध्यापन का कार्य करते हैं। जबकि अन्य तीन शिक्षक पिछले कुछ महीनों से नदारद हैं। उनकी उपस्थिति पंजिका का क्या आलम है,यह अधिकारियों से फिलहाल छुपा तो होगा नहीं। इस शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हरकत में आकर तुरंत ही जांच टीम नियुक्त की। टीम की कमान उन्होंने बामौर विकासखण्ड के खण्ड शिक्षा के हाथ सौंपी। और उन्हें जांच के लिए भेजा। बुधवार को हालांकि जांच में भी वहां शिक्षक अनुपस्थित मिले। जांच टीम के पहुंचते ही आक्रोशित ग्रामीण भी वहां जा पहुंचे। और शिक्षकों की लापरवाही व छात्र-छात्राओं के जीवन से हो रहे खिलवाड़ की पूरी कहानी सुनाई।

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनुपस्थिति के मामले को बताया आपसी टशन

इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी हरवंश कुमार ने बताया कि उनकी आपस की चलती है। वह एबीएसए को भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कंट्रोल रुम से बात की है। स्कूल में इस समय दो शिक्षक उपस्थित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत कर्ता का बात करने का लहजा ठीक नहीं था। फिर भी मामले में तत्काल प्रभाव से उन्होंने एबीएसए बामौर को टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले को बख्सा नहीं जाएगा।

शिकायत के बाद एक शिक्षक आज ही पहुंच गया

शिकायत कर्ता वीरेन्द्र ने बताया कि मामले की शिकायत उसने बीते रोज बीएसए के मोबाइल पर की थी। इसके बाद आज सुबह ही एक अन्य शिक्षक स्कूल जा पहुंचा था। हालांकि दो फिर भी अनुपस्थित रहे थे।

ग्रामीणों से सवाल,आप पत्रकारों जैसे क्यों पूछ रहे

जांच करने गई टीम से आक्रोशित ग्रामीणों ने सवाल पूछना शुरु कर दिया। कहा कि क्या बिना शिक्षकों के भी विद्यालय खुलता है। इस पर जांच टीम ने उल्टा उनसे पूछ बैठी कि आप पत्रकारों जैसे क्यों पूछते हो?


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