भदोही लॉकअप कांड : सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठे धर्मेंद्र

भदोही लॉकअप कांड : सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठे धर्मेंद्र


भदोही। थाने के लॉकअप में 15 दिन पूर्व ऑटो चालक रामजी मिश्र (46) की मौत का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया है। सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेंद्र द्विवेदी ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। जिस पर कोई आश्वसन न मिलने पर शुक्रवार को वह सोनिया तालाब स्थित सीधेश्वर नाथ मंदिर में अनशन पर बैठ गए अनशन के समर्थन में कई संगठन आने लगे हैं।
मजिस्टीरियल और पुलिस जांच पर भी सवाल
धर्मेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग रखी थी, लेकिन उसका संज्ञान नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पुलिस और मजिस्टीरियल जांच पर भरोसा नहीं है। इसमें दोषियों को बचाने के लिए लीपापोती हो सकती है। धर्मेंद्र के समर्थन में अनशन स्थल पर बिंद समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुशील विंद भी पहुंचे हैं।
ये है पूरा मामला
तकरीब 15 दिन पूर्व गोपीगंज नगर के ज्ञानपुर रोड के फूलबाग निवासी रामजी मिश्र का सगे भाई अशोक मिश्र से जमीनी विवाद हुआ था। जिस पर दोनों भाई और परिवार के लोग गोपीगंज थाने पहुंच गए। आरोप है की पुलिस ने छोटे भाई अशोक को पीट दिया। जिस पर रामजी बेहद डर गया और आपस में बात सुलझा कर घर आने की बात करने लगा। आरोप है कि पुलिस ने रामजी को थप्पड़ मारकर लॉकअप में बंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से रामजी की मौत हो गई। जबकि परिजनों का आरोप है की दिल का दौरा नहीं, पुलिस पिटाई से मौत हुई है।
उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की पुष्टि न होने पर बिसरा सुरक्षित रख लिया गया। बाद में परिजनों ने चक्काजाम भी किया था। जिस पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल ने कोतवाल सुनील वर्मा और चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करके के बाद वर्मा के खिलाफ़ बेटी रेणु की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। जिसके विरोध में कोतवाल सुनील वर्मा की पत्नी और परिजनों ने गोपीगंज थाने के सामने धरना-प्रदर्शन कर न्याय की मांग की।

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