इलाज के लिए सिफारिश करने पहुंचे प्रधानाचार्य को डॉक्टरों ने बनाया बंधक

इलाज के लिए सिफारिश करने पहुंचे प्रधानाचार्य को डॉक्टरों ने बनाया बंधक


फर्रुखाबाद। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों की संवेदनहीनता देखने को मिली है। गरीब मरीज का इलाज की सिफारिश लेकर पहुंचे प्रधानाचार्य को डॉक्टरों व अस्पताल कर्मचारियों ने बंधक बना लिया। उनके साथ मारपीट भी की।

अमृतपुर के गांव नगला हुशा की रहने वाली उमा देवी (20) के पैर में गांठ थी। उन्होंने लोहिया अस्पताल के डॉक्टर गौरव मिश्रा को दिखाया। जांच के बाद ऑपरेशन के लिए चार सौ रुपये जमा कर लिया। इसके बाद उसे बाजार की दवा लिख दी। पैसे से लाचार होने पर महिला ने आवास विकास में रह रहे उसके गांव के प्रधानाचार्य अनिल सिंह से मदद मांगी और उन्हें लेकर मंगलवार को अस्पताल पहुंची। प्रधानाचार्य का आरोप है कि डॉक्टर गौरव मिश्रा से लड़की के गरीब होने की बात कही तो वह धक्का मार कर अपने केविन से उन्हें बाहर निकालने लगे। इसका जब उहोंने विरोध किया तो लोहिया अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर उनके साथ हाथापाई की।

वहीं, डॉक्टर गौरव मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह ऑपरेशन थियेटर में ऑपरेशन कर रहे थे। बिना जानकारी दिए अनिल सिंह ओटी में घुस आये। जब उन्हें मना किया गया तो वह मारपीट करने लगे। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉक्टर एसके सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने जो 400 रुपये रोगी से लिये थे। अनिल सिंह ने उन्हीं रुपयों के चक्कर में झगड़ा किया। लेकिन डॉक्टर ने रोगी से सरकारी फीस जमा कराई थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।


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