सेना की आवासीय कालोनी में दम्पति ने की आत्महत्या


-पति का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला जबकि पत्नी का बिस्तर मिला शव

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कोतवाली के शीशम बाग में बने सेना की आवासीय कालोनी में पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंच शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या करने वाला पति एमआईएस कोर में डिस्पेचर के पद पर कार्यरत था।

मृतक के भांजे कुलदीप निवासी नगला दाड़ी थाना जैथरा जिला एटा ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे मामा सुनील यादव (35) ने उसे फोन किया था। फोन पर मामा ने बताया कि उसकी तबीयत खराब है, सुबह डॉक्टर को दिखाना है।

इस सूचना पर वह रविवार को सुबह चार बजे सेना की आवासीय कालोनी में रहने वाले मामा के घर पहुंचा। उसका कहना है कि काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने यह सूचना पड़ोसियों को दी। पड़ोसियों के सहयोग से उसने दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देख उसके होश उड़ गये। मामा सुनील का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। मामी सोनी का शव बिस्तर पर पड़ा था। मामा का 11 वर्षीय बेटा विशाल घटना से अंजान दूसरे कमरे में सो रहा था।

दम्पति के आत्महत्या की सूचना मिलते ही कोतवाल झांझन लाल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक सुनील जनपद के नगला बीज मेरापुर का रहने वाला था और सेना के एमआईएस कोर में डिस्पेचर के पद पर कार्यरत था।

कोतवाल का कहना कि महिला के शव को देख कर लग रहा है कि पहले उसने फांसी लगाई। उसकी मौत हो जाने पर सेना कर्मी सुनील ने सोनी के शव को नीचे उतार कर बिस्तर पर लिटा दिया और खुद फांसी लगा आत्महत्या कर ली।

घटना की सूचना पर स्टेशन कमांडेट संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर मृतक दम्पति के बेटे विशाल से पूछताछ की। विशाल ने बताया कि शाम को वह मम्मी-पापा तीनों साथ में ही लेटे थे और वह सो गया। इसके बाद मम्मी-पापा कितने बजे दूसरे कमरे में चले गये, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। सूचना मिलते ही मृतक के पिता आशा राम तथा अन्य परिजन मौके पर पहुच गये हैं। घटना के पीछे कारणों का पता लगाने में पुलिस जुट गई है।


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