मेरठ: अवैध निर्माण पर आप स्वयं पहल करेंगे या मैं निकलू: मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार

मेरठ: अवैध निर्माण पर आप स्वयं पहल करेंगे या मैं निकलू: मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार

मेरठ। आयुक्त सभागार में जनपद में हुए अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही के सम्बंध में आवास विकास परिषद, मेरठ विकास प्राधिकरण व नगर निगम के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने अधिकारियों से 10-10 बड़े अवैध निर्माण चिन्हित कर उनका ध्वस्तीकरण करने, सर्विस रोड व ग्रीन बेल्ट पर हुए अतिक्रमण को हटाने व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के बाद उसका फोटो लेने व बोर्ड लगाकर अवैध निर्माण की सूचना देने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण आदेश दिये जा चुके है, वह स्वंय अपने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दें।
आयुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण पर आप स्वंय पहल कर कार्यवाही या मुझे स्वंय निकलना होगा। अवैध निर्माण यूही जारी रहे तो आगे लोग सड़क पर नहीं निकल पायेंगें।आयुक्त ने कहा कि जिन भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाता है उसका फोटो लें व बोर्ड लगायें कि यह अवैध निर्माण है खरीद फरोख्त कोई न करें। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जब मैं निरीक्षण पर जाता हूं तो मुझे अवैध निर्माण दिखाई देते है लेकिन आपकों नहीं दिखाई देते हैं ऐसा क्यों?।
आयुक्त ने कहा कि जिन भवनस्वामियों को ध्वस्तीकरण आदेश दिये जा चुके है। वह स्वंय अपने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दें। सर्विस रोड, लेन पर अतिक्रमण हटाने के लिये नोटिस नहीं दिया जाएगा, सीधे ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त ने एमडीए उपाध्यक्ष से कहा कि एमडीए में तीन साल से ज्यादा एक पटल पर कार्यरत कर्मचारियों को हटायें। आयुक्त ने आवास विकास एवं एमडीएम के अधिकारियों से कहा कि वह 10-10 बड़े अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करें। उन्होंने एमडीएम के उपाध्यक्ष से कहा कि वह आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंताओं को सीलिंग पावर डैलीगेट करें। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि नगर निगम को हस्तानांतरित कालोनी मे अतिक्रमण हटवाने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। आयुक्त ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह शास्त्रीनगर में हुए अवैध निर्माणों पर नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करें। कालोनी में कितने ध्वस्तीकरण आदेश अब तक पारित हुए व उस पर क्या कार्यवाही की गयी, उसकी सूची उपलब्ध करायें। उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिकारियों से कहा कि वह प्रत्येक दिन अपने से सम्बंधित कालोनियों का निरीक्षण करें तथा कितने अवैध निर्माण पायें गये जिनके नक्शे पास नहीं है व कितने नोटिस दिये गये इसकी सूची दें तथा निर्माणाधीन कॉर्मर्शियल अवैध निर्माणों को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करें।
आयुक्त ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों से पूछा कि गत एक वर्ष में कितना शमन शुल्क वसूल किया, उसकी सूची दें तथा जिनका नक्शा पास नहीं है उसका ध्वस्तीकरण करें, साथ ही कालोनी में जितने कॉर्मशियल भवन व दुकाने संचालित हैं। क्या उनको स्वीकृति प्राप्त है।
आयुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि ग्रीन बेल्ट मे निर्माण न हो यह सुनिश्चित करें तथा ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटवायें और वहां पौधारोपण करायें। सर्विस रोड पर कटों को बंद करायें व उसका रिसर्फेसिंग करवायें। अवैध रूप से निर्मित व संचालित स्वीमिंग पूल पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करें। आयुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि सरकारी कार्यालयों की चार दीवारी के साथ जो दुकाने संचालित हैं क्या वह नगर निगम द्वारा लीज पर दी गयी हैं या नगर निगम द्वारा बनवायी गयी हैं या लोगों ने अवैध रूप से निर्मित की है, इसकी जांच कर आख्या दें। एमडीएम उपाध्यक्ष सीताराम यादव ने बताया कि एमडीए द्वारा 727 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराया गया 525 को शमनित किया गया। उन्होंने बताया कि 3169 ध्वस्तीकरण के लिए व 14 शमन हेतु कार्यवाही हेतु लम्बित है जिन पर कार्यवाही की जाएगी।
इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त पुष्पराज सिंह, आवास विकास परिषद के संयुक्त आयुक्त महेन्द्र प्रसाद, एमडीए के अधिशासी अभियंता पीपी सिंह, आवास विकास के अधिशासी अभियंता डीके गुप्ता, प्रमोद कुमार, बिशम्बर सिंह आदि उपस्थित रहे।

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