मेरठ: 1 लाख 17 हजार किसानों होंगे ऋण माफी योजना से लाभान्वित: डीएम

मेरठ: 1 लाख 17 हजार किसानों होंगे ऋण माफी योजना से लाभान्वित: डीएम

मेरठ। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने जिला ऋण माफी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित की सरकार है वह नित नये कदम किसानों के विकास एवं उनकी आय दुगनी करने के लिये उठा रही है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के फसली ऋण मोचन योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके क्रियान्वयन में सभी बैक अधिकारी एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य अपने कार्यो से अवगत होते हुए शासन की मंशा की अनुरूप कार्य करें। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के लघु एवं सीमान्त श्रेणी के 1 लाख 17 हजार पात्र किसानों को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
जिलाधिकारी समीर वर्मा आज कलैक्ट्रेट स्थित बचत भवन सभागार में लघु एवं सीमान्त किसान फसली ऋण मोचन योजना के सफल क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना ऑनलाइन पोर्टल बेस्ड स्कीम हैं, जिसमें सभी आवश्यक डाटा का निर्धारित समय में भरा जाना है। सभी बैंकों को उनके लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध करा दिये गये है। वह उसकों समय से चौक करें तथा अर्ह किसानों के डाटा में पिता का नाम, आधार कार्ड, मोबाइल नम्बर व गाटा संख्या आदि महत्वूर्ण डाटा को ऑनलाइन अपलोड कर लें। अधिकारी देखें की जिन किसानों का आधार सीडिंग का कार्य अभी तक नहीं है वह अभियान चलाकर किसानों के आधार सीडिंग का कार्य 10 दिन में पूर्ण करायें।
जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वह पात्र किसानों की सूची को अपने बैंक, तहसील, व जिला स्तर पर डिस्पले करायें व ऋण माफी का प्रमाण पत्र जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को तथा कॉपरेटिव बैंक अपना डाटा महाप्रबंधक जिला सहकारी बंक को उपलब्ध करायें। सभी बैक जिला कृृषि अधिकारी से समन्वय बनाकर शिविर आयोजन करें तथा ऋण माफी किसानों को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित करायें तथा इस शिविर का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी करायें।
जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर जिला कृषि अधिकारी को विकास भवन स्थित अपने कार्यालय में तथा उपजिलाधिकारी को तहसील स्तर पर तहसील में कन्ट्रोल रूम बनाकर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निदेश दिये। कन्ट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों को एनआईसी के माध्यम से फसली ऋण मोचन की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि ऋण मोचन योजना का लाभ पात्र किसानों को तीन चरणों में दिया जाएगा जिसमें सर्वप्रथम बैक खातों से आधार कार्ड सीडिंग हुए अर्ह किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि किसान के स्वामित्व की विभिन्न भूमि का कुल क्षेत्रफल लघु किसान हेतु 2 हैक्टेयर व सीमान्त किसानों का 1 हैक्टेयर से अधिक नहीं होगा, ऐसे लघु एवं सीमान्त किसानों को जिनके द्वारा फसल ऋण 31 मार्च 2016 या इसके पूर्व ऋण प्रदाता संस्थाओं से प्राप्त किया गया हो, उन्हें प्रदेश सरकार एक लाख रूपये तक का ऋण माफ करेगी।
उन्होंने बताया कि एक ही कृषि भूमि पर, एक ही उद्देश्य के लिये एक से अधिक बैंको से लिये गये ऋण योजना में मोचन हेतु पात्र नहीं होंगे। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव वित्त एवं संस्थागत वित्त उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से फसली ऋण मोचन योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु समस्त मानकों एवं बारीकियों को विस्तार से सम्बंधित अधिकारियो एवं बैंक प्रतिनिधियो को अवगत कराया गया। इस अवसर पर बैकर्स द्वारा उठायी गयी शंकाओं का निराकरण भी किया गया।
इस अवसर पर एसडीएम मवाना अरविन्द कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि एससी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, जिला गन्ना अधिकारी आनन्द प्रकाश शुक्ला, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अविनाश तांती, तहसीलदार सदर भगत सिंह, सरधना सहित विभागीय अधिकारी व सभी बैंको के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

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