मेरठ: समझौता कर लो, नहीं तो गांव के सभी दलितों को जान से मार देंगे

मेरठ: समझौता कर लो, नहीं तो गांव के सभी दलितों को जान से मार देंगे

मेरठ। सरधना थाना पुलिस के खिलाफ दर्जनों दलित समाज के लोगों ने पुलिस कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसएसपी को ज्ञापन दिया। जिसमें आरोप लगाया कि जानलेवा हमलारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रहे है, जबकि वह झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहे है। प्रदर्शनकारियों ने एसएसपी से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
सरधना थानाक्षेत्र के ग्राम पौहल्ली निवासी बंटी पुत्र स्व. हरफूल ने बताया कि वह और उनके परिजन मजदूर पेशा व्यक्ति है। 5 जुलाई की शाम करीब आठ बजे अंदरूनी रंजिश के चलते गांव के ही ग्राम प्रधान पति नूर आलम पुत्र मुजफ्फरखां, आतिफ खां पुत्र माशा अल्ला, सारिब पुत्र अखलाक, सारिक पुत्र जमील, अजमल पुत्र असलम, मान पुत्र लाल, शहजाद पुत्र शेरदीन, पप्पू पुत्र बालो, ताहिर पुत्र हबीब, नूरआलम आदि लोगों ने उनके घरों पर तंमचे, फरसे, धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। तंमचे की गोली लगने से मैं गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा प्रवेश, नीरज, ललिता आदि भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका अभी भी इलाज चल रहा है।
पीडि़त ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन किसी भी आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है, जिस कारण वह खुलेआम घूमकर धमकी दे रहे है कि या तो समझौता कर लो, नहीं तो वह गांव के सभी दलित समाज के लोगों को जान से मार देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी राजनैतिक परिवारों से ताल्लुक रखते है, जिस कारण दलित समाज में भय व रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कर जेल भेजने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह उच्चाधिकारियों व एससी, एसटी आयोग में भी शिकायत करेंगे।

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