मेरठ: सामूहिक विवाह के आयोजन में 85 जोड़ों को मिला नया दाम्पत्य जीवन

मेरठ: सामूहिक विवाह के आयोजन में 85 जोड़ों को मिला नया दाम्पत्य जीवन

मेरठ। समाज के सभी वर्गो की गरीब कन्याओं के हाथों में मेहन्दी रचवाकर उन्हें खुशियों के साथ ससुराल विदा करने तथा उनके उज्जवल भविष्य को सुदृढ बनाने के उददेश्य से जनपद में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना के अन्तर्गत विभिन्न वर्गो की 85 बेटियों का अपने-अपने धार्मिक रिवाजों के साथ विवाह सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर नवयुगलों को सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, विधायक व जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने विवाह जीवन के लिए आर्शीवाद देकर सुखमय जीवन जीवन की कामना की। इस अवसर पर दिव्याग रेशमा व साजिद दिव्यांग जोड़े सहित 22 मुस्लिम तथा 63 हिन्दु परिवार ने एक दूसरें को वरमाला पहनाते हुए पूर्ण रीति रिवाज के साथ फेरे लिये व निकाह कुबूल किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि समाज के विभिन्न धर्मो की गरीब कन्याओं का एक ही स्थान पर पूर्ण रीति रिवाजों के साथ विवाह कराकर सभी धर्मो की अनेकता में एकता का सौहार्दपूर्ण संदेश दिया हैं। उन्होनें कहा कि इस प्रकार के विवाह आयोजनों से जहां गरीब कन्याओं के हाथ पीले होंगे वहीं उनके परिवारों को सरकारी सहयोग से बेटी को बिना दहेज के साथ ससम्मान विवाह करने में आर्थिक मदद मिलेगी।
सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने उक्त विचार एसजीएम गार्ड परिसर में सामुहिक विवाह आयोजन के अवसर पर नव दम्पत्तियो को आर्शीवाद प्रदान करते हुए व्यक्त किये। उन्होनें प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम बहुत ही विशेष कार्यक्रम है, जिससे समाज के सभी वर्गो ने एक ही स्थान पर रहकर एक दूसरें के रीति-रिवाजों को जाना तथा एक दूसरों की शादी की खुशियों में शिरकत की। आपसी प्रेम व सामाजिक समरसता परिचय दिया। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा कहा कि इस प्रकार के सामुहिक विवाह आयोजन से समाज के सभी वर्गो में आपसी प्रेम, भाईचारा तथा सौहार्द का वातावरण विकसित होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से जहां बेटियों के हाथ आसानी से पीले होंगे वहीं दहेज जैसी कुप्रथा का भी अंत होगा। उन्होंने कहा कि हमारें समाज में अभी भी बेटा बेटी में अंतर किया जाता है जो समाज के लिए एक अभिशाप है। आज के समय में बेटिया हर क्षेत्र में अपनी भूमिका अदा करते हुए अपना व अपने परिवार का नाम रोशन कर नई उंचाइयों को प्राप्त कर रही हैं।
इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि श्श्मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना्य्य के अन्तर्गत समाज के सभी वर्गो के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए लाभ प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों, विवाह के लिए किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक तथा वर के लिये 21 वर्ष की आयु पूर्ण होनी अनिवार्य है, तथा आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा के अन्तर्गत होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पात्र कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना के लिए एक जोडे पर कुल 35 हजार रूपये की धनराशि का व्यय किया जाता है।
इस मौके पर विधायक सोमेन्द्र तोमर, रफीक अंसारी, पूर्व एमएलसी सरोजनी अग्रवाल, व जिलाधिकारी अनिल ढींगरा द्वारा 85 नवयुगलों को अर्शिवाद प्रदान करते हुए योजनान्र्गत कन्या को 20 हजार रूपये का स्वीकृति पत्र सहित प्रति जोड़े का एक सिलाई मशीन व गिफ्ट पैक प्रदान किये गये। इस अवसर पर वर वधुओं के परिवारों की महिलाओं ने हष्र्षोल्लास के साथ आदि विवाह गीतों को गाते हुए नृत्य भी किया।

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