संघ का गणवेश पहनना सपा नेता को पड़ा भारी, पार्टी से निष्कासित

संघ का गणवेश पहनना सपा नेता को पड़ा भारी, पार्टी से निष्कासित

मेरठ । समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह को गणवेश पहनकर आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में जाना भारी पड़ गया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जयवीर सिंह को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।
25 फरवरी को जागृति विहार एक्सटेंशन में आयोजित आरएसएस के राष्ट्रोदय स्वयंसेवक समागम में सपा नेता जयवीर सिंह ने भी शिरकत की थी। उस समय वह पूर्ण गणवेश में थे और राष्ट्रोदय कार्यक्रम में भाग लिया। उस समय पर उन्होंने एक माह पूर्व ही संघ का स्वयंसेवक बनने की बात कही थी। सपा नेता के आरएसएस के कार्यक्रम में गणवेश में जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही थीं।सपा के स्थानीय नेताओं ने जयवीर सिंह के संघ के कार्यक्रम में जाने का मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंचाया। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीनता के आरोप में छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
उधर, जयवीर सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में किसी भी पार्टी का नेता या कार्यकर्ता जा सकता है। वहां पर संघ का कोई पदाधिकारी किसी का राजनीतिक दल नहीं पूछता है।संघ में कोई भी जा सकता है। सपा नेतृत्व ने मेरा पक्ष जाने बिना एकपक्षीय कार्रवाई की है।
सपा सरकार के समय पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह की तूती बोलती थी। तत्कालीन कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के खास लोगों में शुमार रहे जयवीर दो बार जिलाध्यक्ष चुने गए। इसके साथ ही जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन भी चुने गए। सपा सरकार में जयवीर का पूरा दबदबा था। जब से उन्हें हटाकर राजपाल सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया गया, तभी से वह खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। जयवीर ने भाजपा में जाने की बजाय पहले संघ के राष्ट्रोदय में शामिल होना बेहतर समझा। अब उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। हालांकि जयवीर ने अभी इस बारे में अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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