मेरठ: आंगनबवाडी कार्यकत्रियों ने कलक्ट्रेट में डाला डेरा, 18 हजार वेतन मिलने पर लौटेंगी घर

मेरठ: आंगनबवाडी कार्यकत्रियों ने कलक्ट्रेट में डाला डेरा, 18 हजार वेतन मिलने पर लौटेंगी घर

मेरठ। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 18 हजार रूपये प्रतिमाह किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एक बार फिर से कलेक्ट्रेट में डेरा डाल दिया। उन्होंने ऐलान किया कि अब 18 हजार की मांग स्वीकृत होने के बाद वह घर वापस लौटेंगी।
अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले सैकड़ो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में महासभा की प्रदेश अध्यक्ष सायमा जमीर ने धरने को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है, यही कारण है कि महिला आंगनबाडिय़ो को बार-बार अपना परिवार छोड़कर कलेक्ट्रेट में धरना देना पड़ रहा है। प्रदर्शकारियों ने श्भीख नहीं अधिकार चाहिए, मानदेय नहीं वेतनमान चाहिए, का नारा बुलंद करते हुए चेतावनी दी कि अब आंगनबाड़ी कार्यकत्री सरकार के किसी बहकावे में नहीं आएंगी। जब तक उनका वेतन 18 हजार रूपये प्रतिमाह नहीं होगा, वह धरने से नहीं हटेंगी। उन्होंने अपनी साथियों से कहा कि वह संयम नहीं छोड़ें, वह दिन दूर नहीं जब सरकार को उनकी मांगे माननी होंगी। इस दौरान सुधा, गुलप्रभा, रेशमा, हेमलता, राकेश, संगीता, ऋतु, ललिता, शशि, रजनी, पवित्रा, कंचन, लता और बेबी आदि भी मौजूद रहीं।

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