मेरठ: सरधना एसडीएम पर फरियादी को धक्के देकर बाहर निकालने का आरोप

मेरठ: सरधना एसडीएम पर फरियादी को धक्के देकर बाहर निकालने का आरोप

मेरठ। पीडि़त विकलांग किसान को उपजिलाधिकारी ने धक्के लगवाकर बाहर निकल दिया है। पीडि़त किसान अब सुनवाई न होने पर आत्म हत्या करने की बात कह रहा है। गाँव कलीना निवासी बिजेंद्र पुत्र जसवंत सिंह किसान है जो शारीरिक रूप से विकलांग है।
बिजेन्द्र के मुताबिक उसने लगभग 15 लाख रूपये की गन्ने की फसल बो रखी थी। जिसको गाँव के ही रंगेन्द्र, देवेन्द्र पुत्रगण खेलसिंह, बिमलेश पत्नी देवेंद्र, मित्रसेन पुत्र भरतु, कालू राम पुत्र मित्रसेन, सुरेंद्र, ऋषिपाल, जोगेंद्र पुत्र खड़क सिंह, पिंटू, बिल्लू व आकाश पुत्रगण सुरेंद्र, अंकुश पुत्र जोगेंद्र, अंकित पुत्र किरणपाल आदि ने दबंगई व गुंडा गर्दी करके 31 अक्टूबर 2010 को दिनदहाड़े ईख की फसल को काटकर ले गए थे। बाकी फसल को भी खुर्दबुर्द करते हुए नष्ट कर दिया था। उसके विरोध करने पर रगेन्द्र ने तमंचा दिखाकर गोली मारने की धमकी देते हुए हवाई फायर कर उसे मौके से भगा दिया था। पीडि़त की शिकायत पर उक्त आरोपियों को पुलिस पकड़ कर ले गई थी। लेकिन बाद में पुलिस ने मोटी रकम लेकर आरोपियों को छोड़ दिया था। जिसके बाद आईजी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ जो विचाराधीन है। कुछ दिन पूर्व उक्त दबंगों ने रंजिशन उसकी गेहू की फसल को फिर नष्ट कर दिया, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस बाबत जब उसने कमिश्नर के यहाँ शिकायत की तो उन्होंने उपजिलाधिकारी के यहाँ भेज दिया। जब वह उपजिलाधिकारी राकेश कुमार से जाकर मिला तो उन्होंने उसकी बात आधी अधूरी सुनी और वहां मौजूद पुलिस व तहसील कर्मियों से धक्के दिलवाकर बाहर निकाल दिया। उपजिलाधिकारी के इस रवैये से त्रस्त होकर पीडि़त किसान ने समस्या का समाधान न होने पर आत्म हत्या करने की बात कही है।

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