मेरठ: दो साल से न्याय के लिए भटक रही महिला पहुंची एडीजी कार्यालय

मेरठ: दो साल से न्याय के लिए भटक रही महिला पहुंची एडीजी कार्यालय

मेरठ। मंगलवार को एडीजी कार्यालय पर पहुंची एस-8 नंदपुरी हवा सड़क सिविल लाइन जयपुर, निवासी अंजना जैन नाम की महिला अपने इकलौते पुत्र की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने के लिए पति के साथ मेरठ स्थित एडीजी के कार्यालय पर पहुंची। उसने बताया कि उसके एकलौते पुत्र आकाश जैन का प्रेमनगर, राज दरबार के सामने वाली गली बुलंदशहर निवासी वैशाली पुत्री घनश्याम से प्रेम प्रसंग था और दोनों ने मेहंदीपुर मंदिर में शादी भी कर ली थी। शादी के बाद वैशाली के परिजनों में आकाश को लेकर काफी गुस्सा था। महिला ने बताया कि 23 फरवरी 2016 को वैशाली ने फोन करके आकाश को बुलंदशहर बुलाया और अगले ही दिन महिला के मोबाइल पर अनेक बार फोन करके बताया कि हमारी शादी को लेकर घर में झगड़ा हो रहा है। महिला ने जब वैशाली से अपने पुत्र से बात कराने के लिए कहा तो उसने बात नहीं कराई। इसके पश्चात उसी दिन बुलंदशहर पुलिस द्वारा महिला के मोबाइल पर सूचना दी गई कि आकाश की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मृत्यू हो गई है। सूचना पर महिला अपने पति व परिजनों के साथ बुलंदशहर पहुंची। आकाश के दोस्त चंद्रेश पुत्र जगदीश प्रसाद ने उन्हें बताया कि आकाश ने मृत्यु से पूर्व उसे फोन करके उसे जहर देने की सूचना दी थी। महिला ने अपने पति के साथ 27 फरवरी 2016 को बुलंदशहर कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी, पुलिस द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जहर देने की पुष्टि हुई थी। महिला का कहना है कि वह तथा उसके पति बहुत बीमार रहते हैं और पिछले 2 साल से दर दर भटकने के बावजूद उन्हें अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। वहीं महिला ने बताया कि वैशाली ने किसी दूसरी जगह शादी कर ली है। महिला ने एडीजी से गुहार लगाई है कि वह एसएसपी बुलन्दशहर को निर्देश देकर उसे तथा उसके पति को इंसाफ दिलाए।

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