मेरठ: अब ह्यूमन टैफिकिंग पर लगेगी लगाम

मेरठ: अब ह्यूमन टैफिकिंग पर लगेगी लगाम

मेरठ। ह्यूमन टैफिकिंग एक बहुत ही नीच अपराध है और दु:ख इस बात का है कि यह इतने बड़े स्तर पर पहुँच गया है। इस अपराध के कई पहलु हैं जैसे तस्करी, ऑनलाइन व्यवसाय, मसाज पार्लर और कानून में कुछ ऐसे विसंगतियां हैं, जिसके चलते पुलिस को भी कई बार परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इससे लडऩे के लिए 3 क्षेत्रों में काम करना चाहिए, जिनमें जागरूकता, सुरक्षा और पुनर्वास मुख्य हैं। संसद से वहां पहुंचे अकधकारियों ने निवेदन करना चाहती हूँ की जैसे हर जिले में महिला ठाणे का प्रावधान है वैसे ही बच्चों के लिए एक स्पेशल थाना होना चाहिए।
संसद के सदस्य, राजेंद्र अग्रवाल ने व्यावसायिक यौन शोषण के लिए बच्चों की मांग को खत्म करने के लिए मेरठ में केंद्रित टास्क यूनिट का शुभारंभ किया। अब सेक्स के लिए बच्चों की मांग करने वाले 'ग्राहकों' को दंडित किया जाएगा। मेरठ में केंद्रित टास्क यूनिट का लॉन्च व्यावसायिक यौन शोषण के लिए बच्चों की मांग को रोकने और इसके अपराधियों को दंडित करने के लिए शहर के कई अधिकारियों और राजेंद्र अग्रवाल (सांसद) की प्रतिबद्धता का गवाह बना।
मेरठ ने व्यावसायिक यौन शोषण के लिए बच्चों की मांग के जघन्य कार्य को रोकने के उद्देश्य से फोकस्ड टास्क फोर्स (एफटीयू) की लॉन्च मीटिंग का आयोजन किया। लोकसभा सांसद, राजेंद्र अग्रवाल ने जिले के प्रमुख अधिकारियों के साथ इस मुद्दे के मांग पक्ष को कमजोर करने की पहल का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य 'मेरठ को 2019 तक बच्चों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाले यौन अपराधियों के लिए शून्य-सहनशीलता वाला जिला बनाना है।'एफटीयू बच्चों के ग्राहकों (अपराधियों) पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों की मांग कम करने की एक योजना विकसित करेगी। इस योजना के कार्यान्वयन की पूरी निगरानी की जाएगी। टास्कफोर्स के सदस्यों की पहली मीटिंग में यह निर्णय लिया गया।
व्यावसायिक यौन शोषण ने रेड लाइट क्षेत्रों के बाहर भी पांव पसार लिए हैंरू अब यह आवासीय क्षेत्रों, मकानों, बंगलों, होटलों और लॉज में भी पनप रहा है। लोगों को लुभाने और दलाली का काम अब ज्यादातर ऑनलाइन किया जा रहा है ना कि अपराध के स्थान पर। दलाल, मैनेजर और एजेंट अब दिखाई नहीं पड़ते हैं। अब लेनदेन और बच्चों को निजि स्थानों तक पहुंचाने के लिए लोगों को लुभाने और दलाली में अधिकांश रूप से तकनीक (फोन, व्हाट्सएप, सोशल नेटवर्किंग साइट आदि) का इस्तेमाल किया जा रहा है। शोषण के लिए लंबे उपयोगी जीवन, बिना दंड के शोषण का अधिक से अधिक दायरा, रिपोर्ट किए जाने का कम खतरा और कमजोर कानूनी कार्रवाई जैसी वजहों के चलते,पुरुषों में पैसे के बदले सेक्स के लिए बच्चों की मांग ज्यादा है।
सांसद, राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह केंद्रित टास्क यूनिट केवल कुछ आदमियों को गिरफ्तार करने की पहल नहीं है। बल्कि यह कानून का भय पैदा करेगी और जो लोग वर्षों से कड़े कानून के अभाव में यौन शोषण के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे थे उन्हें भी दंड के दायरे में लाएगी। इन लोगों को यह मालूम हो जाना चाहिए कि मेरठ का पुलिस बल और प्रशासन, समाज के नागरिक सदस्यों और मीडिया की मदद से उन पर बारीकी से नजर रखे हुए है। कोई भी शोषक, कोई भी उल्लंघनकर्ता दंड से बच नहीं पाएगा। हम सभी आज प्रण लेते हैं कि 2019 तक मेरठ जिला बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण से मुक्त हो जाएगा। डॉ. नायर ने कहा हम यह नहीं भूल सकते कि बच्चे वेश्यावृत्ति में शामिल नहीं होते हैं बल्कि उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेला जाता है।
बच्चों के खिलाफ दर्ज अपराधों में से 15 प्रतिशत यानि सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में हुए
उत्तर प्रदेश में बच्चों के बलात्कार के मामले 82 प्रतिशत बढ़कर 2015 1857 में मेरठ भारत की आजादी की पहली लड़ाई का अग्रदूत बना था और आज मेरठ फिर एक लड़ाई लडऩे निकल पड़ा है। बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण की रोकथाम की लड़ाई। यह भारत का पहला जिला होगा जो दंड से बचे रहकर हमारे बच्चों का यौन शोषण करने वाले इन कथित 'ग्राहकों' को दंडित करने की इस अनूठी पहल को चलाएगा। 'उत्तर प्रदेश के प्रमुख आंकड़ों में 596 से लेकर 2016 में 2,115 तक पहुंच गए हैं, उत्तर प्रदेश राज्य में 9678 बच्चें गायब हैं, जिनमे से 79 मामले दर्ज हैं। वहीं मानव तस्करी के 55.6 प्रतिशत मामले 2016 में दर्ज किए गए थे। लेकिन अपराधियों को सजा मिलने की दर मात्र 2.5 प्रतिशत है।एसएसपी मंजि़ल सैनी ने कहा कि जुर्म के ज्यादातर अपराधी समाज के ऊपरी दर्जे से आते हैं, क्योंकि यह अपराध पर्दों के पीछे चल रहा है. इस अपराध से लडऩे के लिए हमें समाज की मानसिकता भी बदलनी पड़ेगी और साथ में यह सुनिश्चित करना पड़ेगा की इसके अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी पड़ेगी।
डीएम अनिल डींगरा ने बताया कि मैं इस टास्क यूनिट की स्थापना के लिए सभी की सराहना करता हूँ और यह भरोसा दिलाता हूँ की मैं अपने स्तर से मैं पूरा सहयोग करूँगा और हम मेरठ को भारत का पहला जिला बना के रहेंगे जो बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण से मुक्त होगा।

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