मेरठ: जिला विद्यालय निरीक्षक के औचक निरीक्षण में स्कूल मिले फेल

मेरठ: जिला विद्यालय निरीक्षक के औचक निरीक्षण में स्कूल मिले फेल

मेरठ। जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ में सोमवार सुबह राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ और एनएएस इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था के साथ ही साफ सफाई, मिड डे मील व अन्य व्यवस्था भी काफी बदहाल मिले। शिक्षक नदारद थे तो कक्षा में बच्चे नहीं मिले। कुछ ऐसे भी मिले जो शिक्षक हस्ताक्षर करके स्कूल से बाहर चले गए।
राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ में कोई बच्चा क्लास में नहीं मिला। 6 शिक्षक अनुपस्थित थे, बिना किसी सूचना के अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। वही जो 2 शिक्षक हस्ताक्षर करके स्कूल से बाहर चले गए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस प्रधानाचार्य के जरिए जारी कराया गया है। कॉलेज के शिक्षक सुनील कुमार व वीरेंद्र मलिक ने हस्ताक्षर किया और उस स्कूल से बाहर चले गए। वही एनएएस इंटर कॉलेज में शिक्षक सभी मिलेए लेकिन बच्चे स्कूल में कम आये थे। टाइम टेबल का सही अनुपालन नहीं किया जा रहा था। सातवें पीरियड में भी छठी कक्षा ही चल रही थी।
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिजेश कुमार चौधरी ने स्कूल में पहले दिन पहुंचे मिड डे मील की भी जांच की। मिड डे मील में उन्हें रोटिया कच्ची मिली। इसके खिलाफ उन्होंने बीएसए को पत्र लिखकर संबंधित एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि इसी तरह जिले के तमाम स्कूलों का औचक निरीक्षण कर साफ.सफाई, टाइम टेबल, शैक्षिक गुणवत्ता आदि की जानकारी ली जाएगी। जिस स्कूल में गड़बड़ी मिली उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बिना सूचना के स्कूल से गायब मिलने वाले शिक्षकों पर अलग से भी कार्यवाही होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने शहर के तमाम बुक स्टोर में एनसीईआरटी की किताबें पहुंच रही है कि नहीं यह जानकारी लेने के लिए सोमवार को निरीक्षण किया। तमाम किताबों की दुकानों में एनसीईआरटी की किताबें जिन्हें यूपी बोर्ड ने तैयार कराया है वह पहुंचने लगी हैं। कुछ किताबें अभी नहीं आई है। उनके बारे में दुकानदारों ने इसी सप्ताह पहुंचने का आश्वासन दिया है। शहर के बड़े दुकानों से ग्रामीण क्षेत्र के छोटे दुकानदार भी किताबें ले जा रहे हैं। किताबों की गुणवत्ता ठीक पाई गई है और प्रकाशकों ने दाम भी एनसीआरटी के मूल दाम से कम रखें हैं।

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