मेरठ हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित, शुरू किया कार्य

मेरठ हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित, शुरू किया कार्य

मेरठ। 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हिंसा की जांच के लिए गठित एसआईटी ने काम शुरू कर दिया है। इस टीम में एक एसपी समेत दो सीओ और 14 पुलिसकर्मियों को रखा गया है। एसआईटी की निगरानी सीधे एसएसपी और डीएम करेंगे। साथ ही हिंसा के आरोपियों की धरपकड़ के लिए जब भी किसी दबिश टीम की जरूरत होगी, संबंधित थाना पुलिस की मदद ले सकेंगे।
दलित आंदोलन के दौरान दो अप्रैल को मेरठ में हिंसा भड़की थी। इस दौरान एक युवक की मौत भी हो गई थी। इस हिंसा की जांच और गोलीबारी-आगजनी करने वालों की पहचान के लिए एक एसआईटी स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम का गठन एसएसपी मेरठ मंजिल सैनी ने किया था। इस एसआईटी में एसपी सिटी मेरठ मानसिंह चौहान को पर्यवेक्षक के रूप में रखा गया है। इसके अलावा सीओ दौरान पंकज सिंह और सीओ सिविल लाइन रामअर्ज को रखा है, चूंकि इनके क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा बलवे की घटनाएं हुई और आरोपी वहीं आसपास के हैं। एसएसपी ने इस एसआईटी सिविल लाइन के इंस्पेक्टर कमलेश शुक्ला समेत 13 सब इंस्पेक्टर शामिल किए हैं। एसआईटी को अभी तक बलवाइयों पर दर्ज किए गए सभी 88 मुकदमों की लिस्ट सौंप दी गई है। इसके अलावा अभी तक बलवाइयों की जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप नंबर पर जो भी फोटो-वीडियो आई हैं, उन सभी को एसआईटी को दिया जा रहा है। आरोपियों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है। आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी को साबित करने के लिए बीटीएस और कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। इस काम के लिए सर्विलांस सेल को एसआईटी के साथ लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। 14 अप्रैल के बाद सबूतों के साथ एसआईटी कार्रवाई करेगी और सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस एसआईटी के काम पर डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मंजिल सैनी नजर रखेंगे। इतना ही नहीं, हर सप्ताह रिपोर्ट एडीजी और शासन को भेजी जाएगी। उधर एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि शहर में अब किसी भी प्रकार का कोई तनाव नहीं है। शहर में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह लागू है।

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