मेरठ: कड़ी सुरक्षा में हुआ गोपी का अंतिम संस्कार, दो अभियुक्त गिरफ्तार

मेरठ: कड़ी सुरक्षा में हुआ गोपी का अंतिम संस्कार, दो अभियुक्त गिरफ्तार

मेरठ। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव शोभापुर में हुई गोपी की हत्या के बाद गांव में चारों ओर तनाव व्यापत है। गुरुवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच गोपी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दौरान 10 थानों की फोर्स और पीएसी बल मौजूद रहा। वहीं कई गाव के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने से पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
गौरतलब है कि बुधवार की शाम गोपी कि गांव के ही मनोज ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद से ही गांव में तनाव व्याप्त हो गया था। क्योंकि हत्या करने वाले दूसरी बिरादरी से हैं वहीं मरने वाला दलित है। सुभारती अस्पताल में भर्ती गोपी को वहां से उसे केएमसी में रेफर कर दिया गया था। ऑपरेशन के बाद उसे आइसीयू में शिफ्ट किया गया। देर शाम गोपी की मौत हो गई थी।
गुरुवार की सुबह एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एडीएम सिटी, एसपी क्र्राइम शिवराम यादव अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा में मौजूद रहे। वहीं गांव के कुछ लोगों ने एकतरफा रिपोर्टिंग का आरोप लगाते हुए मीडिया कर्मियों के साथ बदतमीजी की और उन्हें गांव से भगा दिया। वह गांव वालों की बात नहीं सुन रहा है। बता दें कि गोपी की हत्या के बाद देर रात गांव में एक पंचायत भी हुई थी। जिसमें शव रखकर आदोलन करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन पुलिस अफसरों ने ऐसा नहीं होने दिया और सकुशल शव का अंतिम संस्कार करा दिया। एसपी सिटी मान सिंह चौहान और एडीएम प्रशासन मुकेश चंद ने पीडि़त पक्ष के साथ एक मंडप में वार्ता की। पीडि़त पक्ष ने कहा कि हिंसा के बाद निर्दोष लोगों को भी फंसाया जा रहा है। अफसरों ने भरोसा दिया कि हिंसा में किसी निर्दोष व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने मृतक परिवार को आर्थिक मदद का भी भरोसा दिलाया। तनाव के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात हैं।
गोपी की हत्या में दो अभियुक्त गिरफ्तार
गोपी के शव का संगीनों के साये में गुरुवार सुबह अंतिम संस्कार करने के बाद में पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों मनोज गुर्जर और कपिल को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। एएसपी सतपाल अंतिल की टीम ने दो मुख्य अभियुक्तों मनोज गुर्जर और कपिल को गुरुवार सुबह पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया। हत्याभियुक्त मनोज ने बताया कि, वह मंदिर के पास बैठा हुआ था। तभी गोपी आया और झगड़ा शुरू करने लगा। विरोध पर गोपी ने अवैध तमंचे से उस पर फायरिंग की। जान बचाने के लिए उसने भी पिस्टल से फायर कर दिए, जिसमें गोपी की मौत हो गई। गांव में अभी भी तनावपूर्ण हालात बने हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ कैंप किए हुए है।

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