मेरठ: भारत बन्दी के दौरान हिंसा में नामजद कराने को लेकर युवक को गोली मारी, मौत

मेरठ। थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र में दो अप्रेल को भारत बन्दी के दौरान दलितों द्वारा कियो गये पथराव मे आस पास के लोगो को पुलिस पहचान कर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के सूत्रों द्वारा बताये गये लोगो पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रही है। जिसमें वह क्षेत्र के लोगों द्वारा बवालियों की पहचान करने में भी मदद ले रही है। लेकिन कुछ अराजक तत्व के लोग इस मौके का फायदा उठाने की कोषिष में पुरानी रंजिष में मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार पुरानी रंजिश्ं के चलते लोग एक दूसरे से अपनी खुन्नस निकालने के लिए बवाल में नाम लिखवाकर मुकदमा दर्ज करवा रहें है। जो भी उनको अपना विपक्षी लग रहा है। उसी का नाम लिखवा रहे है। और पुलिस जल्द से जल्द षान्ति के लिए फिलहाल बिना जॉच पड़ताल किए उनको जेल भेज रही है। बुधवार की सुबह को षौभापुर गांव के गोपी पुत्र ताराचन्द को गांव के ही मनोज गुर्जर ने साजिष के तहत भारत बन्दी के दौरान बलवे मे नाम लिखवा दिया था। जिसका गोपी व उसके परिजनो ने विरोध किया था। लेकिन बुंधवार की सुबह कहासुनी होने के बाद मनोज गुर्जर ने षाम होते ही अपने साथियो के साथ बाईक पर जाकर गोपी पुत्र तारा चन्द को निषाना बनाते हुए गोली बरसा दी। गोंपी को कई गोली लगने के बाद परिजन द्वारा तुरन्त सुभारती अस्पताल मे भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोली लगने की सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुचा और गांव मे पीएसी दल के साथ जिससे कोई हिंसा ना होने पाए पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाल लिया है। भारत बन्दी के दौरान भी पुलिस के साथ कुछ गैर बिरादरी के लोगो ने मिलकर दलित युवको की पिटाई कराने की अफवाहें आयी थी। घटना से दलित समुदाय के लोगों में रोष है। जिसमे यह अब जाति, हिंसा का रूप ना ले। पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। युवक की मौत होने के चलते एसएसपी मंजिल सैनी खुद भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गई हैं।

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