मेरठ: दलित आंदोलन की आग में झुलसा मेरठ, एसपी सिटी पर भी पथराव, घायल

मेरठ: दलित आंदोलन की आग में झुलसा मेरठ, एसपी सिटी पर भी पथराव, घायल

मेरठ। एससी-एसटी एक्ट को लेकर मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में सोमवार सुबह से ही उग्र आंदोलन शुरू हो गया। दलित संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे तथा रेल यातायात पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर जाम लगा दिया। बाईपास से लेकर शहर तक जगह-जगह बवाल शुरू हो गए। उग्र्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी के साथ-साथ कई स्थानों पर बसों तथा अन्य वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने लाठी डंडों के बल पर सभी बाजार बंद करा दिए। प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के गोली लगने की भी सूचना है। शहर में जगह-जगह बवाल की सूचना मिलने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी मंजिल सैनी दहल समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोषिष की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों में रूक-रूक का झड़पे जारी रही। कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। दोपहर तक शहर के पेट्रोल पंप बन्द हो गए। वहीं, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया। पुलिस फोर्स ने ट्रेनों और बसों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
सोमवार सुबह सबसे पहले कंकरखेड़ा क्षेत्र में 400 से 500 युवक हाथों में लाठी डंडे और हथियार लेकर प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतर आए और बवाल कर दिया। पुलिस पर भी हमला बोल दिया। मीडिया कर्मियों के कैमरे तोड़ डाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा भी हल्के बल का प्रयोग किया। धीरे-धीरे यह बवाल पूरे शहर में फैल गया। दलित छात्रों ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस के मेन गेट पर ताला लगा दिया और तोडफ़ोड़ कर दी। हंगामे के दौरान विवि में चल रहीं मुख्य परीक्षाएं प्रभावित हो गईं। दोपहर करीब एक बजे शहर और देहात क्षेत्र की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। शहर के प्रमुख बाजार आबूलेन और शास्त्रीनगर में सन्नाटा पसर गया। तमाम बाजार और मॉल बंद कर दिए गए। पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया। दोपहर तक रुड़की रोड पर दलित समाज के लोग वाहनों में तोडफ़ोड़ करते रहे। दोपहर में डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मंजिल सैनी कंकरखेड़ा पहुंचे। शहर में जगह-जगह आरएएफ की टुकडिय़ा तैनात कर दी गई हैं।

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