मेरठ: नगर निगम की बैठक में फिर हंगामा तथा हाथापाई

मेरठ। नगर निगम का बैठक हॉल लगातार लड़ाई के अखाड़े में तब्दील हो जाता है। मुद्दा चाहे जो भी हो लेकिन भाजपा और बसपा निगम पार्षदों में तू-तू मैं-मैं, मारपीट और हाथापाई की बात आम होती जा रही है। बैठक का एजेंडा कुछ भी हो लेकिन कभी वंदेमातरम के गान को लेकर तो कभी प्रस्ताव को लेकर कभी भाजपा के पार्षद तल्ख हो जाते हैं तो कभी बसपा के पार्षद। लेकिन इन सबके बीच अगर अगर किसी का सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है तो वह है मेरठ की जनता। शनिवार को मेरठ नगर निगम में बैठक के दौरान वंदेमातरम और प्रस्ताव को पढऩे को लेकर एक बार फिर भाजपा और बसपा के पार्षदों के बीच हंगामा हुआ और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
दरअसल, नगर निगम में नौचंदी मेले को लेकर टेंडर के लिए और बजट पास करवाने के लिए शनिवार को बैठक बुलाई गई थी। बैठक शुरू होते ही भाजपा के पार्षद वंदेमातरम गाना शुरू कर दिया जिसके बाद बसपा के पार्षद खासकर मुस्लिम पार्षद बैठक से बाहर जाने लगे जिससे हंगामा शुरू हो गया। जब इस मामले को शांत किया गया तो बजट के प्रस्ताव पढऩे को लेकर माहौल फिर गर्म हो गया। भाजपा के पार्षद बजट का प्रस्ताव पढ़ रहे जिस पर बसपा पार्षद खड़े होकर बोलने लगे 'क्या भाजपा वाले ही पूरा बजट प्रस्ताव पढ़ेंगे या हम लोग भी। यहां सब हम सब भी बैठे हैं। इसके बाद एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया। मामला हाथापाई तक पहुंच गया और देखते ही देखते बसपा और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से धक्का-मुक्की और लात घूंसे चलने शुरू हो गए तो सदन में अफरातफरी मच गई। भीतर पहुंची पुलिस ने आपस में भिड़ रहे पार्षदों को किसी तरह से अलग किया। महापौर सुनीता वर्मा और अपर नगर आयुक्त अली हसन ने एक घंटे के लिए बैठक स्थगित कर दी। जिसके बाद मेयर कमिश्नरी में आयोजित अवस्थापना की बैठक में शामिल होने चली गई। दोपहर बाद दोबारा से बैठक शुरू हुई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी।

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