मेरठ: अच्छा लग रहा है फल और सब्जियां बेचकर शान्ति से जीने में: पूर्व डकैत

मेरठ: अच्छा लग रहा है फल और सब्जियां बेचकर शान्ति से जीने में: पूर्व डकैत

मेरठ। जिले में लगातार हो रहे एनकाउंटर को लेकर अपराधियों में खौफ का माहौल बना है। थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के दो हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में टायर पंचर और कबाड़ का काम कर रहे हैं। इन पर डकैती, लूटपाट और कातिलाना हमले जैसे मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के रिकॉर्ड में भी वर्तमान में इन लोगों ने अपराध से दूरी बना रखी है। यूपी में योगी सरकार बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन शुरू किया गया। वेस्ट यूपी में ताबड़तोड़ एनकाउंटर किए गए। इसी के चलते कई अपराधियों ने अपराध से तौबा कर ली है। ये खुलासा अपराधियों की निगरानी और सत्यापन के दौरान हुआ। पुलिस पिछले दिनों लिसाड़ी गेट थाने के हिस्ट्रीशीटर आकिल के सत्यापन के लिए गई थी। आकिल का हिस्ट्रीशीट नंबर-58ए है। आकिल पर कई आपराधिक मुकदमे हैं और गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है। वर्तमान में आकिल लिसाड़ी गेट में घर के पास ही साइकिल मिस्त्री का काम कर रहा है। इसके अलावा लिसाड़ी गेट हिस्ट्रीशीट नंबर-94ए पर इमरान निवासी 2० फुटा श्यामनगर का नाम दर्ज है। इमरान के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमों में आरोपी है। पिछले करीब एक साल से क्राइम से तौबा करके इमरान अपना कबाड़ का काम कर रहा है। रोजाना सुबह ठेला लेकर निकलता है और कबाड़ लेकर आता है। इसके बाद अपना गुजारा कर रहा है। इसी कड़ी में तीसरा नाम लिसाड़ी गेट के मोहल्ला श्यामनगर निवासी उमरदराज का है। उमरदराज पर भी हत्या के प्रयास, लूटपाट, डकैती और अन्य कई आपराधिक मुकदमे हैं। उमरदराज पुलिस सत्यापन के दौरान अब फलों का ठेला लगाए हुए मिला।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करीब एक साल से पूरी तरह से क्राइम की दुनिया से दूरी बनाई हुई है। इतना ही नहीं, कई बार तो थाने पहुंचकर खुद ही पुलिस को मौजूदगी दर्ज करा देते हैं। पुलिस जब भी जाती है, अपनी दुकान या ठेले पर ही मिलते हैं। कहते भी हैं कि अपराध की दुनिया छोड़ दी है और अपना काम शुरू कर लिया है।

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