मेरठ: जिलाधिकारी ने ली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक...अब होगी मरीजों की अनदेखी करने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई

मेरठ। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के दायित्वों का बोधज्ञान कराते हुए उन्हें स्पष्ट हिदायत दी कि यदि स्वास्थ्य सम्बंधी सेवाओं को देने में किसी भी चिकित्सक या कर्मी द्वारा मरीजों की अनेदखी की जाएगी तो सम्बंधित चिकित्सक एवं कर्मी दण्ड पाने के लिए स्वंय जिम्मेदार होंगे। उन्होंने स्वास्थ्य सम्बंधी कार्यक्रमो में धीमी प्रगति वाले चिकित्सकों एवं कर्मियो के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उसमें तीव्रता लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सम्बंधी योजनाओं के क्रियन्वयन में जो भी पैसा शासन से प्राप्त हो उसका समय से जनता के हितार्थ सदुपयोग करें।
जिलाधिकारी ढींगरा ने आज उक्त निर्देश बचत भवन सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये। उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज चिकित्सकों के पास बड़े विश्वास के साथ आता है इसलिए वह उनके विश्वास पर खरा उतरकर हर नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बने तथा बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करें। उन्होंंने कहा कि चिकित्सा विभाग का प्रथम दायित्व मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं अपनत्व की भावना से व्यवहार एवं उपचार करना है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बैठक में सीएमएस जिला महिला अस्पताल को निर्देशित किया कि वह महिला मैटेनरी विंग में मरीजों के तीमारदारों व आमजन हितार्थ आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विस्तृत कार्य योजना बनायें और उनके समक्ष प्रस्तुत करें ताकि महिला मैटेनरी विंग को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। बैठक में डीएम ने एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत प्राप्त धनराशि से जनपद में 6 माह की आवश्यकता के अनुरूप सांस जैेसी बीमारियों की दवा क्रय करने तथा शेष धनराशि को सर्मपण करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त शेष 15 आशाओं के पदों पर भर्ती हेतु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि वह डीपीआरओ का विशेष सहयोग प्राप्त कर 15 दिन के अन्दर भर्ती सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी क्षेत्र में रिक्त 297 आशाओं के पदों पर संचलित भर्ती प्रकिया में गुणवत्ता के साथ समय से भर्ती कराने के भी निर्देश दिये। डीएम ने विलेज हैल्थ एवं सेनीटेशन न्यूट्रेशन कमेटी योजना के अन्तर्गत मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि वह योजना के तहत ग्राम को मिलने वाली 10 हजार रूपये की धनराशि के लिए ग्राम प्रधान एवं आशाओं के संयुक्त खाते जहां अभी तक नहीं खुले है वह इसके लिए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दे कि वह सभी बैंकों से समन्वय बनायें ताकि ग्राम प्रधानाओं एवं आशाओं के खाते खुल सकें और मार्च माह में अभियान चलाकर प्राप्त पैसे को सदुपयोग किया जा सके। डीएम ने राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि चिकित्सक ब्लॉकवार सूची बनाकर अभियान चलायें तथा हर गरीब जरूरतमंद मोतिया बिन्द के मरीजों के ऑपरेशन कर अंधता निवारण कार्यक्रम को सफल बनाये। उन्होंने कहा कि इस अभियान में वह सरकारी अस्पतालों के साथ प्राईवेट अस्पतालों का भी सहयोग अवश्य लें।उन्होंने आगामी मौसम में होने वाली बीमारियों को दृष्टिगत उनके लिए अभी से एहतियात बरतने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार ने स्वास्थ्य सम्बंधी विभिन्न कार्याक्रम एवं योजनाओं की प्रगति का तथ्यों का विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया। इस अवसर पर सीडीओ आर्यका अखौरी, सीएमएस डॉ पीके बंसल, जिला विकास अधिकारी अतुल मिश्रा, एसीएमओ डॉ पूजा शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी एमएस फौजदार, डीपीआरओ आलोक शर्मा, बीएसए, लेखाधिकारी मुन्ना लाल शुक्ला समस्त पीएचसी सीएचसी के चिकित्सक, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Share it
Top