मेरठ: नौचंदी थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, एसएसपी ने की कार्रवाई...हत्या के मामले में लापरवाही बरतने तथा हत्यारोपी को संरक्षण देने पर नपे

मेरठ: नौचंदी थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, एसएसपी ने की कार्रवाई...हत्या के मामले में लापरवाही बरतने तथा हत्यारोपी को संरक्षण देने पर नपे

मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित के-ब्लॉक में दरोगा की पत्नी की हत्या और पुत्र को गोली मारने के मामले में एसएसपी मंजिल सैनी ने नौचंदी थानेदार संजीव कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। हत्यारोपी के विरुद्ध पहले से सात मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ अवैध वसूली की लगातार शिकायतें आ रही थीं। अभियुक्त पर कार्रवाई करने की बजाय थानेदार ने उसे संरक्षण दिया। जिस पर एसएसपी मंजिल सैनी के निर्देशानुसार उन्होंने अपने पीआरओ धीरज शुक्ला को नौचंदी थाने का इंस्पेक्टर बनाया गया है।
नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर के-ब्लॉक में 28 फरवरी की रात शराब के लिए पांच सौ रुपये न देने पर दरोगा ब्रजपाल की पत्नी सुमन और पुत्र कविंदर को गोली मार दी गई थी। अस्पताल में सुमन ने दम तोड़ दिया। कविंद्र की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रकरण में इलाके के बदमाश अर्जुन राणा और उसके भाई शिवा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसके बाद शुक्रवार देर रात एसएसपी मंजिल सैनी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौचंदी थानेदार संजीव कुमार को लाइनहाजिर कर दिया। आरोपी अर्जुन राणा के खिलाफ नौचंदी थाने में पहले से सात मुकदमे पंजीकृत हैं। इसके अलावा इलाके के लोग उसके द्वारा अवैध वसूली की शिकायत लगातार करते रहे हैं।
इसके बावजूद थानेदार ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर थानेदार संजीव कुमार पर यह कार्रवाई की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जाच पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
पीएसी के एएसआइ ब्रजपाल सिंह मूल रूप ने खुर्जा के धर्मपुर गांव के रहने वाले हैं। करीब दो दशक पूर्व वह बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए मेरठ के शास्त्री नगर में आकर बस गए। अपने बच्चों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने के लिए वह उन्हें अच्छे संस्थानों में पढ़ा रहे हैं। कविंद्र दिव्यांग है, वह बीसीए कर चुका है और उसका छोटा भाई निशांत भी ग्रेजुएशन तैयारी कर रहा है।
कविंद्र का सपना है कि वह सरकारी स्तर पर कोई बड़ा अधिकारी बने, जबकि निशांत उप्र पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा है। मां की मौत के बाद निशांत का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरी घटना वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि, कैमरा थोड़ी दूर लगा है, जिस कारण वीडियो फुटेज धुंधली है, परंतु सोहरका कांड के बाद से सतर्क हुई पुलिस ने सबसे पहले कैमरे की डीवीआर कब्जे में ले ली, ताकि वीडियो वायरल न हो।
इन्होंने कहा...
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि ब्रजपाल सिंह आगरा से लखनऊ ट्रेनिंग के लिए जा रहे थे। कुछ दिनों वहां रहकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग करनी थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी नहीं रही और बेटा अस्पताल में है तो वह बीच रास्ते से ही वापस आ गए। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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