मेरठ: सावित्री पर जानलेवा हमले करने वालों के घरों पर दी दबिश

मेरठ: सावित्री पर जानलेवा हमले करने वालों के घरों पर दी दबिश

मेरठ। डेढ़ वर्ष पूर्व बेटे चेतन की हत्या में गवाह बनी सावित्री पर हुए जानलेवा हमले में उसके पुत्र मितन ने गांव के ही चौदह लोगों को इस मामले में नामजद किया है। जिनमें डासना जेल में बंद सुमित को मामले का षडयंत्र का मुलजिम बनाया गया है। इसके अलावा अतुलए ब्रहृमाए सुजितए जगवीरए जगपालए विपिनए संजयए अशोकए कुलदीपए मोंटीए अंकितए मोहन व सागर को नामजद किया गया है। इस मामले में सीओ संतोष कुमार ने आरोपियों को पकडऩे के लिए भारी पुलिस बल महिला पुलिस को साथ ताबडतोड दबिशें दी लेकिन कोई आरोपी हत्थे नही चढ़ पाया हालांकि पुलिस ने उनके परिवार वालों को चेतावनी देते हुए उनके मकानों पर तोडफोड भी की। जिसके चलते गांव में दिनभर हड़कंप मचा रहा। पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसने में कोई की कसर नही छोडी है। इस बारे में सीओ संतोष कुमार सिंह का कहा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की हिरासत में होंगे। वहीं हमले के बाद से परिवार के लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं जिसके बाद यहां चार पुलिसकर्मी की चौबीसो घंटे तैनाती की गई है। रविवार को सीओ सरधना संत्तोष कुमार व एसओ ऋषिपाल सिंह ने पीडि़तों से मुलाकात की और उनका ढ़ांढ़स बंधाते हुए हिम्मत से काम लेने की बात कही। सीओ ने बताया कि सिर में लगी दो गोली में से एक गोली तो सावित्री के आरपार निकल गई लेकिन दूसरी गोली दिमाग को पार करके सिर के अंदर ही फंसी हुई है जिसका ऑपरेशन होना बाकि है इससे पहले सावित्री की हालत के बारे में कुछ नही कहा जा सकता है।
मितन ने किया आत्मदाह का ऐलान
मेरठ्र सरूरपुर थाना क्षेत्र के रजापुर की सावित्री पर हुए हमले के बाद बचे उसके बेटे मितन ने पुलिस महकमें के अफसरों की बेरुखी के बाद साफ तौर पर ऐलान कर दिया है कि यदि उसकी मां को कुछ हुआ तो वह थाने में पुलिस के सामने या फिर डीएम कार्यालय पर जाकर आत्मदाह कर लेगा। जिसके लिए उसने विषैला पदार्थ भी घर मे लाकर रख लिया है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की हिलाहवाली से तंग आकर मितन ने सीओ पर पूरे मामले में लापरवाही बतरने के आरोप लगाते हुए उन्हें खूब खरी.खरी सुनाई और कहा कि जब वह सीओ के दफ्तर जाता था तो वे उसकी बात सुनते तक नही थे और टरका देते थे कई बार उसे सुरक्षा मांगी लेकिन कोई सुनवाई नही हुई डेढ़ साल से उसका परिवार कैसे गुजर करके जी रहा था किसी ने नही पूछा और गवाही पर भी मां सावित्री को लेकर वह अकेला जाता था।

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