मेरठ के देहात में खुलेआम हो रही छेडख़ानी

मेरठ के देहात में खुलेआम हो रही छेडख़ानी

मेरठ। देहात में मनचलों के आतंक के चलते ना जाने कितनी होनहार प्रतिभाएं हर वर्ष घर के चूल्हा-चौका जैसे कार्यो में ही व्यस्त होकर दम तोड़ देती है। घर से स्कूल तक का सफर तय करना ही इन्हें पढ़ाई के अलावा रोजाना एक बड़ी परीक्षा पास करने जैसा समान हो गया है। पहले ही पढ़ाई के सीमित संसाधनों के चलते गांव देहात की लड़कियों के सामने मुश्किलें कम नही है। ऐसे में मनचलों के बढ़ते आतंक ने मानों उनका जीना मुहाल कर दिया हुआ है। सरकार भले ही एंटी रोमियों स्काउड जैसे दस्तों का गठन कर इससे रोकथाम का दावा करती हो, मगर हकीकत यह है कि शहर की बात तो दूर यह रोमियों देहात तक में छात्राओं का जीना मुहाल कर दे रहे है। जिसके चलते ना जाने कितनी किरण बेदी, कल्पना चावला, सोनिया मिर्जा जैसी प्रतिभाएं संवरने से पहले ही दम तोड़ देती है। इस संबध में जब कुछ स्कूली छात्राओं के बातचीत की गई तो इनका कहना था कि परीक्षा पास करने की बात तो दूर, असल परीक्षा तो घर से स्कूल तक का सफर तय करने में ही पूरी हो जाती है। निरंकुश मनचले ना केवल उनके उपर अश्लील फब्तियां कसते है, बल्कि उनके ऊपर डले तक फेंकते है। घर बताओं तो पढाई बंद, अब आप ही बताओं कि आखिर क्या करे?। गौरतलब है कि देहात के थानों में महिला पुलिस के नाम पर भारी भरकम पुलिस फौज तैनात है, लेकिन यह शायद ही कभी कालेजों के इर्द-गिर्द अपनी जिम्मेवारियां निभाती नजर आती हो, लोगों का कहना है कि अगर महिला पुलिस ठीक ढंग से अपनी जिम्मेवारियों का निर्वाहन करे तो शायद मनचलों के हौंसलों पर कुछ हद तक अंकुश लगे। वहीं ग्रामीण असगर अली, प्रवीन मंजूर, रजी अब्बास का कहना है कि अगर थाना पुलिस चाहे तो अभियान चलाकर मनचलो की धरपकड़ करे, जिससे क्षेत्र मे काफी छात्रों को सहुलियत महसूस होगी और अपने अपने घर आराम से पहुंचेगी।

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