मेरठ: अधीनस्थों के व्यवहार व कार्य प्रणाली पर नजर रखें अधिकारी...मुख्य सचिव ने की मण्डलीय विकास कार्यो की समीक्षा

मेरठ: अधीनस्थों के व्यवहार व कार्य प्रणाली पर नजर रखें अधिकारी...मुख्य सचिव ने की मण्डलीय विकास कार्यो की समीक्षा

मेरठ। विकास कार्यो के जमीनी स्तर पर किये जा रहे क्रियान्वयन, जन शिकायतों के निस्तारण आदि की मण्डलीय समीक्षा प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने आयुक्त सभागार में बैठक में करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारण करने, कानून व्यस्था व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने व अपने अधीनस्थों के व्यवहार व कार्य प्रणाली पर नजर रखने व भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दियें।
प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि कि पुरानी तैनाती जनपद मेरठ में आकर उनको खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में ऋण मोचन योजना दो से तीन साल में क्रियान्वित हो पायी, जबकि प्रदेश में यह 3 से 4 माह में सफलता पूर्वक क्रियान्वित हुईं। प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है। गन्ने का देय भुगतान समय से कराया जा रहा है तथा किसानों को एस्क्रो अकाउंट खोलने से लाभ हुआ हैं तथा कानून व्यवस्था की स्थिति में भी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए बनी है तथा जनता को यह महसूस होना चाहिए, इसके लिए अधिकारी आत्म चिंन्तन कर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। शासन स्तर से लिया गया ई-टेण्डरिंग का निर्णय एक क्रान्तिकारी निर्णय है। अवैध खनन पर सरकार सख्त है तथा इसके लिए जिला स्तर पर बहुत से अधिकारों को जिला स्तरीय अधिकारियों को दिये गये है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा काम करने वाले अधिकारियों को काम करने का पूरा मौका दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियोजन विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर मेगा कॉल सेन्टर बनाया जा रहा है जिसमें आईजीआरएस पोर्टल से सम्बंधित वादों के निस्तारण के सम्बंध में शिकायतकर्ता से उसके मोबाइल पर सम्पर्क कर उसकी संतुष्टि जानी जाएगी।
उन्होंने बताया कि लखनऊ सचिवालय को ई आफिस बनाया जा रहा है जिसके लिए 20 से 22 विभागों मे कार्य पूर्ण हो चुका है तथा फरवरी अंत तक कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होनें जनोपयोगी सेवाओं को और बेहतर ढंग से लागू करने व जनहित गारंटी अधिनियम को ध्यान में रखकर कार्य करने के निर्देश दिये। कार्यो को फुल फ्रुप ढंग से लागू करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता बढाते हुए डीबीटी (डायरेक्ट बैनीफिट ट्रांसफर) प्रणाली को लागू किया है तथा सरकारी सुविधाओं को देने में इलैक्ट्रानिक मोड का ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए प्रयासरत है।
मेरठ मण्डल प्रदेश का पहला खुले में शौच से मुक्तमण्डल बने इसके लिए पूरी तैयारी के साथ कार्य करें तथा मात्र शौचालय बना देना ही पर्याप्त नहीं है उसकी उपयोगिता भी सुनिश्चित करें। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश खुले में शौच से मुक्त होगा। शासन स्तर पर प्रत्येक मण्डल को ओडीएफ के लिए 1 हजार करोड़ रूपये दिये जा रहे है, इसके लिए पारदर्शी ढंग से कार्य करते हुए किस ग्राम में कितनी धनराशि उपलब्ध करायी गयी। इसकी सूचना को वेबसाइट व अन्य माध्यमों से जनता के लिए उपलब्ध करायें। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें 2018 तक इंटरनेट से युक्त हो जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में लगायी गयी एम्बुलेंस में जीपीएस युक्त किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जीपीएस वाहनों की निरंतर मॉनीटरिंग करें। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत उपलब्ध करायी गयी धनराशि का उपयोग करने व अधूरे निर्माणों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि मण्डल में जो सरकारी अस्पताल बनाये जा रहे है उनके पूर्ण होने से पूर्व ही डाक्टर व अन्य स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि अस्पताल खुलने पर वह सही प्रकार से संचालित हो सके। कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 हैण्डपम्पों को लगाने का पैसा मुख्यमंत्री के आदेशों के क्रम में निर्गत किया गया है। खराब हैण्डपम्प ठीक हुआ या नहीं इसको भी सुनिश्चित करायें। कहा कि ग्राम प्रधानों को शासन द्वारा पांच पांच हजार रूपये खर्च करने का अधिकार दिया गया है ताकि कोई अगर ग्राम में भूखा है तो उसकी मदद कर सके। उन्होंने नहरों का पानी टेल तक पहुचाने के निर्देश दिये ताकि किसानों को सिंचाई में पेरशानी न हो। उन्होंने घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लागू करने व ट्रेफिक लाइट के ऑपरेशन व मेंन्टीनेंशन के लिए किसी एजेन्सी को कॉन्ट्रेकट देने के लिए विचार करने को कहा।
आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने बताया कि जनपद मेरठ के पुराने पडे 7.5 लाख मैट्रिक टन कूडे के निस्तारण के लिए कम्पनी से अनुबंध हुआ है तथा इसके लिए शासन से 80 करोड़ रूपये की मांग की गयी है। मलकपुर, मवाना व सिंभावली के पिछले सत्र का बकाया है। उन्होंने इनर रिंग रोड व कांवड मार्ग को बनाने की मांग मुख्य सचिव से की। इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा आजमगढ की तर्ज पर मण्डलीय विकास भवन बनाने तथा मेट्रों आदि के सम्बंध में मुख्य सचिव के समक्ष प्रगति रखी। इस अवसर पर सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

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