मेरठ: छेड़छाड़ से आहत आठवीं की छात्रा के आत्महत्या का मामला...चौथा आरोपी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, भावनपुर थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर

मेरठ: छेड़छाड़ से आहत आठवीं की छात्रा के आत्महत्या का मामला...चौथा आरोपी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, भावनपुर थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर

मेरठ। भावनपुर में दबंगों की छेड़छाड़ से आहत आठवीं की एक छात्रा द्वारा खुद को आग लगाने और देर शाम उसकी मौत होने के बाद नया मोड़ आ गया है, जहां पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एसएसपी से प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मृतक छात्रा आरोपी शोभित से सम्पर्क में थीं और जांच में बलात्कार अथवा प्रयास जैसी कोई घटना होना नहीं पाया गया है। वहीं इस मामले को गंभीरता से न लेने के कारण भावनपुर थानाध्यक्ष को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है और चारों आरोपियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। ज्ञात हो कि पचगांव पट्टी अमर सिंह पुर निवासी सुशील गुप्ता की 14 वर्षीय पुत्री साक्षी कक्षा आठ की छात्रा थी। परिजनों का आरोप था कि गांवडी में ट्यूशन पढऩे जाते समय गांवड़ी निवासी शोभित, अंकित, मोहित और रवि छात्रा के साथ अक्सर छेड़छाड़ करते थे और उससे बलात्कार करने की भी कोशिश की थी, जिससे आहत किशोरी ने बीते शनिवार को खुद को आग लगा ली थी। लगभग 80 प्रतिशत जल चुकी साक्षी को परिजनों द्वारा मेडिकल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी गुरूवार शाम को मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी मंजिल सैनी ने चारों आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश किया और बताया कि मृतका साक्षी व मुख्य अभियुक्त शोभित पिछले 2 महीने से सम्पर्क में थे तथा इनकी आपस में फोन से बातचीत होने लगी व सम्पर्क बढ़ा।
अभियुक्त शोभित की सिलाई की दुकान ग्राम गांवडी में है जहां साक्षी व शोभित का सम्पर्क हुआ और मोबाइल नम्बरों का आदान-प्रदान हुआ। अन्य 3 अभियुक्तों की शोभित से दोस्ती होने के कारण साक्षी की इनसे फोन पर कभी-कभी बात होती थी, जो कॉल डिटेल से स्पष्ट प्रदर्शित हो रही है। यह बात जब परिवारजनों को पता लगी तो परिजनों द्वारा 6 जनवरी 2018 को इसका विरोध किया गया जिससे क्षुब्ध होकर व बदनामी के डर से साक्षी ने स्वयं को आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिसमें वह 80 प्रतिशत जल गई और 11 जनवरी 2018 को उसकी मृत्यु हो गई। एसएसपी ने बताया कि साक्षी के परिजनों ने मामले को छुपाया और अस्पताल में भर्ती करते समय डॉक्टर को स्टोव पर खाना बनाते समय घटना होना बताया था। वहीं एसएसपी ने यह भी बताया कि अभी तक हुई जांच में बलात्कार अथवा प्रयास जैसी कोई घटना नहीं होनी पायी गयी है। उन्होनें बताया कि चारों अभियुक्तों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

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