मेरठ: एक समय में दो कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षक

मेरठ: एक समय में दो कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षक

मेरठ। एक शिक्षक दो-दो कॉलेजों में एक वक्त पर नौकरी कर रहे है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध फिजिकल एजुकेशन कोर्स के कॉलेजों ने एक ही वक्त पर शिक्षकों से दो-दो जगह नौकरी कराते हुए छात्र-छात्राओं की डिग्री पूरी करा दी। यूनिवर्सिटी की जांच में 25 कॉलेजों में 17 शिक्षक पकड़े गए हैं। कॉलेजों में बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। पहले चरण में 50 कॉलेजों के शिक्षकों ने कैंपस पहुंचते हुए अपनी जांच कराई। सभी शिक्षकों को अब आधार कार्ड भी देना अनिवार्य होगा। यूनिवर्सिटी इन सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड ऑनलाइन फीड करेगी।
रजिस्ट्रार दीपचंद के निर्देशों पर हाल में कॉलेजों की जांच में शिक्षकों का यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। यूनिवर्सिटी ने फिजिकल एजुकेशन के 25 कॉलेजों के शिक्षकों की जांच की तो इसमें 17 शिक्षक ऐसे मिले जो एक से ज्यादा कॉलेजों में पढ़ा रहे थे। नियमानुसार एक शिक्षक केवल ही जगह पढ़ा सकता है, लेकिन कॉलेजों में तस्वीर उलटी थी। यही नहीं, दो जगह पढ़ा रहे इन शिक्षकों को कॉलेजों से अलग-अलग सेलरी भी मिल रही थी। यूनिवर्सिटी ने इसे सभी कॉलेज एवं शिक्षकों की अलग से सूची तैयार कर ली। विभिन्न कॉलेजों के शिक्षक कैंपस पहुंचे और अपने डॉक्यूमेंट की जांच कराई। रजिस्ट्रार दीपचंद के अनुसार सभी शिक्षकों से आधार नंबर लिया जा रहा है। भौतिक सत्यापन के बाद कॉलेजों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन फीड होगा ताकि भविष्य में कोई गलती नहीं हो। रजिस्ट्रार के अनुसार यूनिवर्सिटी सभी कोर्स में शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कराएगी।
फिजिकल एजुकेशन कोर्स में दो-दो जगह नौकरी करते पकड़े गए शिक्षकों के बाद अन्य कोर्स पर भी सवाल उठने लगे हैं। यूनिवर्सिटी में बीएड में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े के आरोप लगते रहे हैं। 2009 में यूनिवर्सिटी ने केवल एक बार बीएड में अनुमोदित शिक्षकों की सूची ऑनलाइन की थी। इसमें सैकड़ों शिक्षक कई कॉलेजों में एक साथ पढ़ाते मिले। कॉलेजों में ऐसे शिक्षक भी पढ़ा रहे थे जिनकी सरकारी नौकरी लग चुकी थी। इसके बाद से यूनिवर्सिटी ने बीएड शिक्षकों की सूची ऑनलाइन नहीं की। छात्र भी कई बार शिक्षकों की सूची ऑनलाइन सार्वजनिक करने की मांग कर चुके हैं। यदि शिक्षकों की ईमानदारी से जांच हो जाए तो व्यापक गड़बड़ी पकड़ी जाएंगी।

Share it
Top