मेरठ: बिल्डर संजीव मित्तल के आत्मसमर्पण की खबर से कचहरी में रही गहमागहमी

मेरठ: बिल्डर संजीव मित्तल के आत्मसमर्पण की खबर से कचहरी में रही गहमागहमी

मेरठ। 25 करोड़ की पुरानी करंसी के 'मालिक' बिल्डर संजीव मित्तल द्वारा कोर्ट में आत्मसमर्पण प्रार्थना डाले जाने की खबर से पूरे दिन कचहरी में गहमागहमी बनी रही, लेकिन शाम तक भी बिल्डर कोर्ट में पेश नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि बिल्डर संजीव मित्तल किसी भी दिन कोर्ट में पेश हो सकता है।
बीती 29 दिसंबर को कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने परतापुर क्षेत्र के राजकमल एन्क्लेव स्थित बिल्डर संजीव मित्तल के कार्यालय पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने चलन से बाहर हो चुकी 25 करोड़ की पुरानी करंसी बरामद की थी। पुलिस ने बिल्डर के नौकर अरूण गुप्ता, जमीन की देखभाल करने वाले विनोद शर्मा, ड्राइवर योगेश और करंसी बदलने के लिए दिल्ली से आए एजेंट नरेश अग्रवाल को हिरासत में लिया था।
बिल्डर संजीव मित्तल परिवार सहित मौके से फरार है। इस मामले में इन्कम टैक्स द्वारा कोई कार्यवाही न करने पर पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी आरोपियो को सशर्त थाने से छोड़ दिया था। मगर बाद में पुलिस ने अपनी ओर से बिल्डर व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नोटों को अपने कब्जे में ले लिया। गुरुवार बिल्डर संजीव मित्तल द्वारा स्पेशल सीजीएम निशा सिंह की कोर्ट में सरेंडर किए जाने चर्चा रही। जिसके चलते मीडियाकर्मी भी कोर्ट के बाहर नजर बनाए रहे लेकिन शाम तक न तो संजीव के किसी वकील ने कोर्ट में उसकी सरेंडर एप्लीकेशन डाली और न ही किसी से संपर्क किया। हालांकि यह साफ हो गया है कि बिल्डर संजीव मित्तल अब सरेंडर की जुगत में जुटा है।

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