मेरठ: कोर्ट में पेश कर रिश्वतखोर डिप्टी सीएमओ को भेजा जेल

मेरठ: कोर्ट में पेश कर रिश्वतखोर डिप्टी सीएमओ को भेजा जेल

मेरठ। यूपी के मेरठ में घूसखोर डिप्टी सीएमओ डॉ.अशोक निगम का मामला उसके पकड़े जाने से कई दिन पहले ही शासन तक पहुंच चुका था। कमिश्नर पिछले एक सप्ताह से इस मामले को देख रहे थे। विजिलेंस टीम भी लगातार नजर बनाए हुए थी। इस कार्रवाई में सबसे खास यह रहा कि जिसके खिलाफ प्राइवेट प्रेक्टिस करने की शिकायत शासन में हुई थी, वही डॉक्टर घूसखोर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कराना चाहता था। बुधवार को उन्हें एंटी क्रप्शन कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार मवाना सीएचसी में तैनात दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.नीरज कुमार के मुताबिक, वह गंगानगर के रक्षापुरम में रहते हैं। उनकी पत्नी भी प्राइवेट दंत रोग विशेषज्ञ हैं। वे अपने घर पर ही प्राइवेट प्रेक्टिस करती हैं। डॉ.नीरज ने बताया कि पिछले दिनों उनकी एक शिकायत शासन में हुई। इस शिकायत में आरोप लगाया कि वे अपने घर पर प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं। मामले में मेरठ के सीएमओ को जांच के आदेश मिले। प्रकरण की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ.अशोक निगम को सौंपी गई। प्रकरण की जांच के दौरान ही डॉ.नीरज कुमार की शासन में एक और शिकायत हो गई।
आरोप है कि डा.अशोक ने डा. नीरज से कहा कि वह उनके प्रकरण की जांच कर रहे हैं। यदि वह उन्हें खुश कर दें तो शासन में रिपोर्ट भी सही भेज देंगे। डा. नीरज के पूछने पर डा. अशोक ने दो लाख रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर झूठी रिपोर्ट शासन में भेजने की धमकी दी। एक सप्ताह पहले डा. नीरज कुमार कमिश्नर डा. प्रभात कुमार से मिले। उन्हें पूरा प्रकरण समझाया। कमिश्नर ने शासन के संज्ञान में पूरा मामला लाते हुए अपने स्तर से डिप्टी सीएमओ की जांच कराई। जिसके बाद कार्यवाही की गई। डेढ़ लाख की रिश्वत के साथ पकड़े गए डिप्टी सीएमओ डा.अशोक निगम को बुधवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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