मेरठ: हृदय को पापों से मुक्त कराता है प्रभु ईशु का वास

मेरठ: हृदय को पापों से मुक्त कराता है प्रभु ईशु का वास

मेरठ। सरधना में मुक्तिदाता प्रभु यीशु का जन्मोत्सव क्रिसमस हषोल्लास से मनाया गया। चर्च में रविवार की मध्य रात्रि बालक ईशु के जन्म के अवसर पर जागरण मिस्सा बलिदान का आयोजन हुआ, जिसमें फादर ने क्रिसमस पर्व का संदेश देते हुए कहा कि जिस गोशाला में प्रभु यीशु का जन्म हुआ वहां आज पवित्र चर्च बन चुका है। जहां दुनिया भर से विश्वासी दर्शन करने को आते है। इसी प्रकार प्रभु को जो दिल में बसा लेते है, उनका हृदय पापों से मुक्त हो जाता है।
रविवार की रात साढे ग्यारह बजे ऐतिहासिक सरधना चर्च में क्रिसमस पर विशेष प्रार्थना की गई जिसमें फादर फादर पाके नाथन, फादर आलबन, फादर सासिन बाबू, फादर जॉन मैकेण्डरों पेरमैथ्यु ने मिस्सा बलिदान कराया। उनके साथ चर्च प्रबंध तंत्र से जुडे अन्य फादर भी मिस्सा बलिदान में शमिल हुए। मध्य रात्रि 12 बजते ही घंटे-घडियाल बजाकर बालक ईशु के आगमन की सूचना दी गई। युवा मंडली ने जन्मोत्सव मनाते हुए उल्लास गीत गाये तथा भजन प्रस्तुत किये। इस अवसर पर फादर्स ने प्रभु मुक्तिदाता के रूप में प्रभु ईशु के आगमन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु की जन्म स्थली गौशाला, इस पृथ्वी पर व्याप्त बुराईयों और गंदगी का प्रतीक है। जिसका उद्धार करने के लिये प्रभु ईशु जन्म लेकर संसार में आये है। गौशाला में जन्म हुआ, तो उसका कायाकल्प हो गया है। प्रतिएक रविवार यहाँ बने भव्य चर्च को देखने के लिये दुनिया भर से लोग पहुंचते है।
इसी प्रकार जो लोग प्रभु को अपने हृदय में स्थान देते है उनमें पवित्रता भर जाती है। प्रभु का नाम इमानुवैल है। जिसका अर्थ है कि ईश्वर हमारे साथ है। सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे चर्च में प्रार्थना की गई ताकि क्रिसमस का आशीष सभी पर बना रहे। मिस्सा में समस्त स्थाओं के फादर्स, सिस्टर्स, ब्रदर्स व आम विश्वासी शामिल रहे। सोमवार को सुबह से ही क्रिसमस का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्रिसमस पर केक और गिफ्ट का आदान प्रदान किया गया। इसके अलावा एक और चीज का इस त्योहार में विशेष महत्व होता है, वह है क्रिसमस ट्री। यह एक सदाबहार पेड़ है, जिसकी पत्तियां न तो किसी मौसम में झड़ती हैं और न ही इसमें कभी मुरझाती हैं।
हर साल इस त्योहार पर ईसाई धर्म के अधिकांश लोग अपने घर में क्रिसमस ट्री भी लगाते हैं। इस अवसर पर सरधना स्थित विश्व प्रसिद्ध गिरजा घर में श्रद्धालुओं व सैलानियों की भरी भीड़ उमडऩी शुरू हुई और शाम तक हजारों लोगों ने भव्य मेले का लुत्फ़ उठाया। चर्च के अंदर बनी चरनी को देखने के लिये खूब धक्का-मुक्की रही। चर्च के बाहर लगे मेले में युवा वर्ग ने जमकर लुत्फ़ उठाया। भीड़ के चलते नगर में चारों और जाम की स्थिति रही। भीड़ के दौरान जेब कतरों ने दर्जनों लोगों को अपना निशाना बनाया किसी का पर्स तो किसी का मोबाइल साफ़ कर दिया गया। कई चोर व मनचले पुलिस हत्थे चढ़े जिन्हे हवालात की हवा खानी पड़ी। पुलिस दिनभर जाम से जूझती नजर आई, जिधर देखो उधर ही जाम। भारी जाम के चलते लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।

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