मेरठ: राष्ट्रगीत के समय खड़ा न होने पर महापौर के खिलाफ वाद दायर

मेरठ: राष्ट्रगीत के समय खड़ा न होने पर महापौर के खिलाफ वाद दायर

मेरठ। भाजपा नेता राजकुमार कौशिक ने महापौर सुनीता वर्मा पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के तहत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-4 में परिवाद कायम किया है।
नौंचदी थानाक्षेत्र के प्रीत विहार निवासी भाजपा नेता राजकुमार कौशिक ने सर्किट हाऊस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित महापौर सुनीता वर्मा राष्ट्रगीत गायन के दौरान खड़ी नहीं हुई और अपनी कुर्सी पर बैठी रहीं। ऐसा करके महापौर सुनीता वर्मा ने संविधान का मखौल उड़ाया है। राजकुमार ने कहा कि राष्ट्रगीत का आदर एवं सम्मान करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का न केवल वैधानिक अपितु नैतिक दायित्व भी है, परन्तु महापौर ने राष्ट्रगीत के समय अपनी सीट पर बैठे रहकर भारतीय संविधान का अपमान किया है, जबकि मंच पर उपस्थित मंडलायुक्त, विधायक, नगर आयुक्त एवं पूर्व महापौर ने खड़े होकर राष्ट्रगीत का सम्मान किया। भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रगीत का आदर व सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का न केवल वैधानिक बल्कि नैतिक दायित्व भी है। किसी भी व्यक्ति या व्यक्ति समूह द्वारा मूल कर्तव्यों का अतिक्रमण करना या अपमान करना दंडनीय अपराध है। राजकुमार ने कहा महापौर सुनीता वर्मा द्वारा राष्ट्रगीत का अपमान किए जाने से आहत होकर परिवाद योजित किया है। महापौर का उक्त कृत्य राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा-3 के अन्तर्गत आता है, जो दंडनीय अपराध है। उन्होंने परिवादी ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

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