मेरठ: ट्रांसफार्मरों के सैम्पल फैल होने पर तीन कंपनियों पर कार्यवाही

मेरठ: ट्रांसफार्मरों के सैम्पल फैल होने पर तीन कंपनियों पर कार्यवाही

मेरठ। एमडी पवन कुमार ने बुधवार को ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता में फेल तीन आपूर्तिकर्ता कम्पनियां पर कार्यवाही करते हुए एक वर्ष के लिए डिबार कर दिया। जिसमें मैसर्स बंसल ट्रांसफार्मर प्राइवेट लि. रूडकी, मैसर्स आनन्द ट्रांसफार्मर प्रा. लि. फैजाबाद एवं मैसर्स सर्वोच्च इडिंया, बुलन्दशहर शामिल है।
एमडी पवन कुमार ने विद्युत भण्डार केन्द्र व विद्युत भण्डार केन्द्र परतापुर का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें निरीक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता के सम्बन्ध में विभिन्न कम्पनियों के ट्रांसफार्मर मौके पर चौक किये गये एवं ट्रांसफार्मरों को चिन्हित कर सैम्पल कलैक्ट किये गये थे एवं ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता चौक करने के लिए सैन्ट्रल पावर रिसर्च इन्स्टीट्यूट, नोएडा की लैब में भेजा गया था। प्रथम चरण में कुल 11 सैम्पल परीक्षण के लिए भेजे गये थे, जिनमें शेष की रिपोर्ट तो ठीक थी लेकिन तीन आपूर्तिकर्ताओं के ट्रांसफार्मर अयोग्य पाए गये। अगले चरणों में भेजे गये ट्रांसफार्मरों की आख्या प्रतिक्षित है। आख्या प्राप्त होने पर कार्यवाही की जायेगी। इस सम्बन्ध में सैन्ट्रल पावर रिसर्च इन्स्टीट्यूट, नोएडा की लैब द्वारा मैसर्स बंसल ट्रांसफार्मर प्राइवेट लि. रूडकी, मैसर्स आनन्द ट्रांसफार्मर प्रा लि., फैजाबाद व मैसर्स सर्वोच्च इडिंया बुलन्दशहर के वितरण परिवर्तकों की टैस्टिंग में मानकों के अनुसार न पाये जाने पर आपूर्तिकर्ता फर्म को एक वर्ष के लिये डिबार किया गया। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक ने निर्देश दिए है कि कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नही किया जायेगा। विभाग का परम उदेश्य भ्रष्टाचार को दूर कर गुणवत्तापूर्वक कार्य किया जाना है। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर किसी स्तर पर बख्शा नही जायेगा।

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