उत्तर प्रदेश में नवनिर्वाचित महापौरों और पालिका अध्यक्षों ने ली शपथ....वंदेमातरम् के दौरान भी बैठी रही मेरठ की मेयर

उत्तर प्रदेश में नवनिर्वाचित महापौरों और पालिका अध्यक्षों ने ली शपथ....वंदेमातरम् के दौरान भी बैठी रही मेरठ की मेयर

लखनऊ। भगवा रंग और राष्ट्रगीत को लेकर विरोध तकरार की छिटपुट घटनाओं के बीच उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में निर्वाचित महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी शासित 14 नगर निगमों में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भगवा रंग चर्चा का केन्द्र बना। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसका खुलकर विरोध किया। नई नवेली अयोध्या नगर निगम में सपा के पार्षदों ने शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत नहीं की, वहीं मेरठ में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदेमातरम गीत को लेकर बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच नोकझोंक हुई। लखनऊ नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्वाचित महापौर संयुक्ता भाटिया के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और मंत्री सुरेश खन्ना मौजूद थे, जबकि बरेली में महापौर उमेश गौतम के शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हौसलाफजाई की। झांसी में भगवा रंग में रंगे मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंडलायुक्त अमित गुप्ता और विधायक रवि शर्मा ने भाजपा के महापौर रामतीर्थ सिंघल और 6० पार्षदों को शपथ दिलायी। सहारनपुर नगर निगम के पहले महापौर संजीव वालिया और 7० पार्षदों ने आज एक सादे समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। आयुक्त दीपक अग्रवाल ने गांधी पार्क मैदान में पहले महापौर और 7० पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। कानपुर में भाजपा की प्रमिला पांडेय, इलाहाबाद में अभिलाषा गुप्ता, अयोध्या में ऋषिकेश उपाध्याय, मुरादाबाद में विनोद, मथुरा में मुकेश आर्यबंधू, गोरखपुर में सीताराम जायसवाल, वाराणसी में मृदुला जायसवाल, आगरा में नवीन जैन, फिरोजाबाद में नूतन ठाकुर और गाजियाबाद में आशा शर्मा ने महापौर पद की शपथ ग्रहण की। वहीं अलीगढ़ में बसपा के महापौर मोहम्मद फुरकान और मेरठ में सुनीता वर्मा ने मेयर पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन सभी नगर निकायों ने अपने स्तर पर किया था। समारोह में ज्यादातर जगह भगवा रंग नजर आया। कहीं मंत्रों के साथ तो कहीं शंख बजाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगरपालिका और 438 नगर पंचायतों के चुनाव के नतीजे पिछली एक दिसंबर को घोषित किए गए थे। 16 नगर निगमों में से 14 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, जबकि दो पर बसपा को जीत हासिल हुई थी। नगरपालिका और नगर पंचायतों में भी भाजपा उम्मीदवार अन्य दलों से आगे रहे थे। मेरठ में नगर निगम में शपथ ग्रहण समारोह शुरु होते ही भाजपा पार्षद खड़े होकर वंदेमातरम गाने लगे। इस दौरान बसपा की मेयर सुनीता वर्मा कुर्सी से खड़ी नहीं हुई। भाजपा के पार्षदों ने बाद में मोदी और योगी के नारे लगाये। उधर बसपा के पार्षद जयभीम के नारे लगाने लगे। बाद में सुश्री वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि संविधान में वंदेमातरम जरुरी नहीं है। संविधान में सिर्फ राष्ट्रगान के बारे में बताया गया है, इसलिए राष्ट्रगान जरुर कराया जाएगा। नगर निगमों के अलावा 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायत के मुखियाओं ने शपथ ग्रहण की। सभी निर्वाचित मेयर और अध्यक्ष कल लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। गौरतलब है कि सूबे की 16 नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी के 14 प्रत्याशी मेयर पद पर निर्वाचित हुए थे जबकि दो अन्य सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को जीत मिली थी। नगर पालिकाओं में भाजपा को 7० सीटों पर जीत मिली थी। समाजवादी पार्टी (सपा) 45 सीट जीतकर दूसरे और बसपा 29 स्थानों पर विजयी रही थी। कांग्रेस को नौ और निर्दलीय उम्मीदवारों को 43 सीटों पर जीत हासिल हुयी थी। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिये चुनाव में भाजपा के 1००, सपा के 83, बसपा के 45,कांग्रेस के 17 प्रत्याशी विजयी रहे थे जबकि निर्दलीयों ने 182 सीटें झटकी थी। इस बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने मेरठ में बसपा मेयर और पार्षदों पर वन्देमातरम के अपमान का आरोप लगाया और बसपा अध्यक्ष मायावती से उनकी राय जाननी चाही। उनका कहना था कि सुश्री मायावती को स्पष्ट करना चाहिये कि उनकी पार्टी के मेयर, पार्षद राष्ट्रगीत का विरोध क्यों कर रहे हैं। वन्देमातरम का नारा लगाकर स्वतन्त्रता सेनानियों ने देश के लिये अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया है। उसी वन्देमातरम का बसपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा कथित रूप से अपमान कर किसकी भावनाओं को तुष्ट किया जा रहा है।

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