मेरठ: सम्मान दिलाना आयोग व सरकार का मूल उद्देश्य: डा. प्रियंवदा तोमर...अधिकारों का सदुपयोग कर भावनात्मक रूप से सशक्त बने महिलाएं

मेरठ: सम्मान दिलाना आयोग व सरकार का मूल उद्देश्य: डा. प्रियंवदा तोमर...अधिकारों का सदुपयोग कर भावनात्मक रूप से सशक्त बने महिलाएं

मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या डा. प्रियंवदा तोमर ने मेरठ का दौरा कर विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं के उत्पीडऩ सम्बंधी प्रकरणों पर समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ निस्तारित करें, जिससे उन्हें व्यर्थ में न भटकना पड़ें। उन्होंने कहा महिलाओं के उत्थान तथा उनको और सशक्त बनाने के लिए हेतु प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री न 181 हेल्पलाइन संचालित की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रानी लक्ष्मीबाई सम्मान से महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह संवेदनशील होकर महिलाओं के दहेज उत्पीडऩ, घरेलु ंिहंसा आदि मामलों का निस्तारण करें यदि किसी अधिकारी द्वारा इसमें लापरवाही बरती गयी तो इसको गम्भीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग के संज्ञान में लाकर दण्डित किया जाएगा।
सदस्या डा. प्रियंवदा तोमर ने सर्किट हाउस में महिला उत्पीडन के मामलों की जनसुनवाई करते हुए उक्त निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शोषण किसी भी स्तर पर बर्दाशस्त नहीं होगा, जिसके लिये पुलिस अधिकारी उनके साथ घटित घटना की प्राथमिकता पर एफआईआर दर्ज कराकर उस पर ससमय समुचित कार्यवाही अमल में लायें तथा घटना की सूचना से महिला आयोग को भी समय से अवगत करायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला उत्पीडऩ मामलों में दोषियों को किसी भी दशा में रियायत न दी जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यदि कोई महिला थानों या उनके कार्यालयों में फरियाद लेकर आती है तो उसको गंभीरता से सुना जाए एवं उसका निस्तारण ससम्मान कराया जाए। महिला उत्पीडऩ के 21 प्रकरण प्रस्तुत हुए जिनकी जांच हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह प्रस्तुत प्रकरणों को ससमय आपसी समझौते व गुणवत्ता के साथ निस्तारित कर उसकी कार्यवाही से उन्हें अवश्य अवगत करायें। वह स्वंय हर एक प्रकरण की मॉनीटरिंग करेंगी और पीडि़त को स्वंय उससे अवगत करायेंगी।
उपस्थिति महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में महिला एवं पुरूषों को समान अधिकार प्रदान किये गये है इसलिए वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सम्मान के साथ सर उठाकर जियें और उनका सदुपयोग कर भावनात्मक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी उनकी समस्या को गम्भीरता से नहीं लेता है तो वह उसकी शिकायत आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पाण्डेय ने बताया कि जनपद के मैडिकल कालेज में रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केन्द्र संचालित है और हेल्पलाइन 181 के माध्यम से कोई भी महिला सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती है। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र में एक ही छत के नीचे महिलाओं को विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, अल्पावास सुविधा, सोशल वर्कर कांउसलर आदि निशुल्क सुविधा प्रदान की जाती है। इस केन्द्र में सम्पूर्ण स्टाफ के साथ पुलिस चौकी भी संचालित है जिससे महिलाओं की एफआईआर दर्ज करी जाती है। इस अवसर पर एसीएम अरवन्दि कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात संजीव देशवाल, एसओ महिला थाना नेहा चौहान, सहित आशा ज्योति केन्द्र की काउंसलर व सदस्या सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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