मेरठ: बाहर की दवाईयों के सहारे जिला अस्पताल में चल रहा इलाज...अस्पताल के पर्चे पर डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा

मेरठ। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का दावा हवा साबित हो रहा है। इसका प्रमुख कारण डॉक्टरों द्वारा सरकारी आदेश को नजरंदाज करना है। आदेश के बावजूद मरीजों को खुलेआम बाहर से जांच व दवा लिख रहे हैं। जानकारी होने के बाद भी अधिकारी चुप्पी सांधे हुए है। जिला अस्पताल में कमीशन के चक्कर में डॉक्टर बाहर से मरीजों को दवाई और जांच लिख रहे है।
जिला अस्पताल के ह्दय वार्ड में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। लेकिन यहां पर बैठे डॉक्टर साहब भी धड़ल्लेे से बाहर से दवा लिख रहे है। अस्पताल के पर्चे पर ही खुलेआम लिखी जा रही महंगी दवाई हृदय रोगियों की धड़कने कम करने के बजाए और बढ़ा रही है। सरधना से ह्दय का इलाज कराने के लिए आए बुजुर्ग विक्रम सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने उनके पर्चे पर वेल्टाम-एफ व गुडप्रेस एक्सएल-50 दवा लिखी। अस्पताल के मेडिसीन सेंटर पर दवा लेने के लिए गए तो वहां पर मना कर दिया कि यह दवाई यहां पर उपलब्ध नहीं है।
बाहर से मेडिकल स्टोर जाकर दवाई खरीदों। बुजुर्ग कई स्टोर पर चक्कर काटने के बाद में यह दवाई मिली, जिसके लिए 500 रुपये देने पड़े। वहीं नई बस्ती निवासी निशा ने अपनी ढ़ाई वर्षीय बेटी आस्था को अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। बच्ची को तेज बुखार, जुकाम व खांसी आ रही थी।
महिला ने बताया कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने बाहर से जिफी-50 नोबल प्लस समेत तमाम दवाएं ली। इसके अलावा रोजाना अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते है। जिनमें से अधिक मरीजों को जांच और दवाई बाहर से खरीदनी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को अधिक पैसे और तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मरीजों का हाल काफी बुरा है।
इस मामले में सीएमओ रमेश चन्द्रा का कहना है कि मामला प्रकाश में आया है कि डॉक्टर बाहर से दवा लिखते है। अगर अस्पताल में ऐसा कुछ हो रहा है तो गलत है। मामले की जांच-पड़ताल कराकर जरूर कार्रवाई की जाएंगी।

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